नागरिकता संशोधन क़ानून लागू होने के बाद असम में इस क़ानून के हो रहे विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया है कि उनके राज्य में इस क़ानून की ज़्यादा अहमियत नहीं है.
हिमंत बिस्वा सरमा गुरुवार को राजधानी गुवाहाटी में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. अपने दावे के पक्ष में उन्होंने तर्क दिया है कि सीएए के तहत भारत का नागरिक बनने के लिए असम से बहुत कम आवेदन जांएगे. इसलिए यह क़ानून पूरी तरह महत्वहीन है. इसलिए उन्होंने कहा कि इस क़ानून का विरोध करने की ज़रूरत नहीं है.
हिमंत बिस्वा सरमा ने लोकसभा चुनाव में राज्य में बीजेपी को कुल 14 में से 13 सीटें मिलने का दावा किया है.
-एजेंसी
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