आगरा: पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा पकड़े गए देवेंद्र आहूजा उर्फ चिंटू पर कफ सीरप के अवैध कारोबार गिरोह चलाने के गंभीर आरोप लगे हैं। पश्चिम बंगाल पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर शनिवार को अपने साथ ले गई। चिंटू पर आरोप है कि वह नशे के लिए इस्तेमाल होने वाले कफ सीरप को पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश तक पहुंचा रहा था। इसके लिए अलग से गिरोह बना लिया था।
गौरतलब है कि पिछले दिनों पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में कफ सीरप का जखीरा पकड़ा गया था, उसके बाद से ही चिंटू गिरोह निशाने पर है। बंगाल पुलिस ने विगत शुक्रवार को उसे आगरा में मेडिकल स्टोर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि कफ सीरप की पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश में सप्लाई की जाती है, चिंटू गिरोह के बांग्लादेश के ड्रग पेडलर्स से संपर्क हैं।
प्रदेश के कई जिलों के थोक दवा कारोबारियों से चिंटू गिरोह कफ सीरप मंगाता है, कंपनी से कफ सीरप ट्रांसपोर्ट कंपनी पर पहुंचते हैं इन्हें कार, ट्रक के माध्यम से पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश तक पहुंचाया जाता है। डीलिंग भी 100 बोतल की नहीं, एक लाख बोतल की होती थी।
फौवारे के दवा बाजार में सात वर्ष पहले चिंटू तीन हजार रुपये महीने पर एक दवा की दुकान पर काम करता था। नशे के लिए बांग्लादेश में कफ सीरप की मांग है, यहां से वह कफ सीरप सप्लाई करने वाले गिरोह में शामिल हो गया। पांच वर्ष पहले नवाबिया मार्केट, फव्वारा में जय रामजी की मेडिकल स्टोर खोला। इसी मार्केट में उसकी 15 दुकानें हैं, कई गाड़ियों के साथ ही नोएडा में भी प्रोपर्टी बताई जा रही है। प्रतापनगर, जयपुर हाउस में कोठी है। देवेंद्र आहूजा उर्फ चिंटू की हर जगह सेटिंग है, नेताओं से लेकर अधिकारियों से संपर्क हैं। कई वर्षों से कफ सीरप की सप्लाई करने के बाद भी वह पकड़ा नहीं गया।
बताते हैं कि कुछ समय पहले गोरखपुर में नशीली दवाएं पकड़ी गईं थी। ट्रक चालक से सेटिंग कर गिरोह के जिस सदस्य ने सीरप और दवाएं भेजी थी उसने बयान में दूसरे साथी का नाम दर्ज करा दिया। चर्चा है कि इस घटना के बाद गिरोह में फूट पड़ गई। एक-दूसरे को फंसाने में गिरोह के सदस्य लग गए, इसके चलते ही चिंटू पकड़ा गया।
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