आगरा में जमीन का बड़ा फर्जीवाड़ा: कूटरचित दस्तावेजों और फर्जी नक्शे से करोड़ों की भूमि बेचने का आरोप, चार पर केस दर्ज

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आगरा: न्यू आगरा थाना क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त में एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज और कथित रूप से फर्जी नक्शा तैयार कर जमीन बेचने के आरोप में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

क्या है पूरा मामला?

नगला पदी निवासी विजय सिंह कुशवाहा ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि उनकी जमीन को हड़पने के लिए सुनियोजित तरीके से जाल बुना गया। शिकायत के अनुसार, आरोपियों गणेशीलाल, राजकुमार, दीपक और कुलदीप सिंह ने आपस में साठगांठ कर फर्जी अभिलेख तैयार किए। इन्हीं दस्तावेजों और एक फर्जी नक्शे के आधार पर उक्त भूमि के कई बैनामे कर दिए गए, जिससे वास्तविक स्वामी को भारी नुकसान हुआ।

पुलिस जांच के दायरे में दस्तावेज और नक्शा

न्यू आगरा पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

जांच का मुख्य केंद्र निम्नलिखित बिंदु हैं:

दस्तावेजों की सत्यता: पुलिस राजस्व विभाग के साथ मिलकर यह पता लगाएगी कि रजिस्ट्री और बैनामों में किस स्तर पर हेरफेर की गई।

​फर्जी नक्शे की पड़ताल: पुलिस यह देखेगी कि वह नक्शा किस आधार पर तैयार किया गया और उसमें किन अधिकारियों या कर्मचारियों की मिलीभगत हो सकती है।

​बैनामों की श्रृंखला: आरोपियों ने कितनी बार और किन-किन लोगों को जमीन बेची, इसकी पूरी कड़ियों को खंगाला जा रहा है।

​आगरा में बढ़ रहे जमीन माफियाओं के मामले

आगरा में पिछले कुछ समय से फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन कब्जाने और अवैध बिक्री के मामलों में वृद्धि देखी गई है। इस घटना के बाद से क्षेत्र के अन्य जमीन मालिकों में भी हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

Dr. Bhanu Pratap Singh