Aligarh, Uttar Pradesh, India. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विधि संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेसर शकील अहमद समदानी को वर्ष 2020 का अल्लामा इकबाल अवार्ड से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान विश्व उर्दू दिवस के अवसर पर उ०प्र० उर्दू टीचर्स एसोसिएशन द्वारा अल हिदाया कॉलेज आफ एजूकेशन में आयोजित एक समारोह के दौरान प्रदान किया गया। प्रोफेसर समदानी को अवार्ड एसोसिएशन की ओर से कुंवर नसीम शाहिद द्वारा प्रदान किया गया।
प्रोफेसर समदानी ने इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और अल्लामा इकबाल के जीवन पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर शकील अहमद समदानी ने कहा कि अल्लामा इकबाल की शायरी में गरीबों, मज़दूरों, कमज़ोरों पर बहुत ध्यान दिया गया है। वह विचारों की अभिव्यक्ति के कायल थे और पूरी जिन्दगी उन्होंने विचारों की अभिव्यक्ति में व्यतीत कर दी। वह खुले मन से और बिना दबाव के लिखना चाहते थे। प्रोफेसर समदानी ने आगे कहा कि अल्लामा इकबाल विधि के बहुत बडे़ ज्ञाता थे और उन्हें अंग्रेजी, फारसी, उर्दू और अरबी पर महारत प्राप्त थी।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसियोलाजी और क्रिटिकल केयर विभाग के तत्वाधान में दो दिवसीय आनलाइन राष्ट्रीय एयरवे मैनेजमेंट सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि इलाज अथवा शल्य चिकित्सा के दौरान रोगी की श्वांस प्रक्रिया को व्यवस्थित करना एनेस्थीसियोलाजिस्ट के लिए हमेशा से एक चुनौती रही है, परन्तु कोविड-19 की महामारी के दौरान यह कार्य और भी महत्वपूर्ण हो गया है। चुनौती पूर्ण एयरवे मैनेजमेंट के लिए पाठ्यपुस्तकों के नियमों और प्रोटोकाल में भी बदलाव किए जा रहे हैं।
कुलपति ने एनेस्थीसियोलाजी के क्षेत्र में की जा रही प्रगति और गंभीर रूप से बीमार लोगों की चिकित्सीय देखभाल में मेडिकल कालिज के एनेस्थीसियोलाजी विभाग के चिकित्सकों की सकारात्मक भूमिका की सराहना की। विभागाध्यक्ष और सम्मेलन के आयोजन अध्यक्ष प्रोफेसर सैयद मोईद अहमद ने कहा कि सम्मेलन में देश और विदेश के 3500 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि राज्य चिकित्सा परिषद ने कार्यक्रम को आठ सीएमई घंटे के लिए श्रेय दिया है। दो दिवसीय सम्मेलन में व्याख्यान सत्र, कोविड क्विज और डिबेट पर विशेष सत्र का आयोजन किया गया और पोस्टर प्रस्तुत किए गए। यह सम्मेलन ऑल इंडिया डिफिकल्ट एयरवेज एसोसिएशन, अलीगढ़ शाखा के सहयोग से आयोजित किया गया था। एसोसिएशन की अध्यक्ष प्रोफेसर शीला मित्रा ने स्वागत भाषण दिया। प्रोफेसर काज़ी एहसान अली ने विशेष अतिथि का परिचय दिया जबकि प्रोफेसर सुमा लता शेट्टी (मानद सचिव) ने आभार व्यक्त किया।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की मौलाना आजाद लाइब्रेरी द्वारा एलजेवियर के सहयोग से शिक्षकों, शोधार्थियों और छात्रों के लिए ”ई-रिसोर्सेज़ः साइंस डायरेक्ट (10 सब्जेक्ट कलेक्शन)” विषय पर आनलाइन ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन वेबएक्स प्लेटफार्म पर किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत करते हुए डॉ. मोहम्मद यूसुफ (यूनिवर्सिटी लाइब्रेरियन तथा कार्यक्रम के संयोजक) ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विभिन्न ई-संसाधनों विशेष रूप से विज्ञान प्रत्यक्ष (10 विषय संग्रह दृ 1. जैव रसायन, आनुवांशिकी और आणविक जीवविज्ञान, 2. कृष और जीव विज्ञान) के बारे में जागरूक करना है। रसायन विज्ञान 4. कंप्यूटर विज्ञान 5. अर्थशास्त्र 6. इम्यूनोलाजी और माइक्रोबायोलाजी, 7. गणित, 8. भौतिकी तथा खगोल विज्ञान 9. सामाजिक विज्ञान तथा 10. मनोविज्ञान) के संबन्ध में जागरूकता उत्पन्न करने की आवश्यकता है।
रिसोर्स पर्सन विशाल गुप्ता, ग्राहक सलाहकार, दक्षिण एशिया, एल्सेवियर ने विज्ञान प्रत्यक्ष (10 विषय संग्रह) पर प्रकाश डाला। उन्होंने ई-सामग्री खोज परिणामों को कम करने में सहायक विभिन्न खोज तकनीकों, विभिन्न शैलियों का चयन करने के लिए ग्रंथ सूची, साइंस डायरेक्ट में उपलब्ध पूर्ण-पाठ पत्रिकाओं की संख्या आदि की व्याख्या की। उन्होंने अनुसंधान कार्यों के प्रसार के लिए विभिन्न उपकरणों और तकनीकों के प्रयोग पर भी प्रकाश डाला। लगभग 250 प्रतिभागियों ने आनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया तथा अपनी शंकाओं को दूर करने के लिए इंटरैक्टिव सत्र में प्रश्न पूछे। डॉ. सुरैया गालिबीन ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया जबकि श्री मोहम्मद अजीम ने कार्यक्रम का संचालन किया।
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