Agra, Uttar Pradesh, India. आगरा शहर पर्यटन का प्रमुख स्थल है जिसमें प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से 3.5 लाख लोग पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हैं। ये लोग शहर के लगभग 650 हेाटल, 1500 फोटोग्राफर, 350 एम्पोरियम, 2500 गाईड, 800 ई रिक्शा तांगा, 4000 हॉकर्स, स्ट्रीट वेंडर्स तथा 400 ट्रैवल्स एजेंसियों के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र में कार्यरत हैं। साथ ही आगरा शहर ताज ट्रेपोजियम जोन में होने के कारण यहां उद्योग धंधों पर अनेकों प्रकार की बंदिशें हैं, जिस वजह से यहां का नागरिक पर्यटन उद्योग पर निर्भर है। इस समय ताजमहल में पांच हजार पर्यटक प्रतिदिन आ सकते हैं। इसका प्रभाव यह है कि पर्यटन पर आधारित लाखों लोग पलायन करने को मजबूर हैं। पर्यटन क्षेत्र से रोजी रोटी कमाने वाले लोगों का दर्द महापौर नवीन जैन ने महसूस किया है। इससे पहले वे कोरोना काल में ताजमहल को बंद करवा चुके हैं।
आगरा शहर पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रतिदिन देश-विदेश से लाखों पर्यटक ऐतिहासिक इमारतों ताजमहल, लालकिला, एत्माद्दौला, सिकन्दरा एवं फतेहपुरसीकरी आदि देखने/भ्रमण करने आते हैं। वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते सम्पूर्ण भारत वर्ष में लॉकडाउन हुआ, तब सभी प्रकार के उद्योग धन्धे, छोटे-बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान व सभी पर्यटन स्थलों को बन्द कर दिया गया था, लेकिन अब क्रमवार तरीके से अनलॉक करते हुए सभी प्रकार के उद्योग एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान व पर्यटन स्थलों को खोल दिया गया है तथा यातायात आवागमन भी शुरु हो चुका है। ट्रेन, बस व हवाई यात्रा का संचालन विधिवत रुप से शुरु हो चुका है, परन्तु देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक ताजमहल को लेकर अभी भी बंदिशें जारी हैं।
दीवाली पर 5 दिनों में ताजमहल पर हर साल लगभग 2 लाख लोग दीदार करने के लिए उमड़ते थे लेकिन इस बार कोरोना काल में टिकटों की संख्या सीमित करने के बाद सैलानियों की संख्या तो कम रही वहीं जो सैलानी आ रहे हैं वह केवल 5000 टिकटों की बिक्री का प्रतिबंध लगे होने के कारण ताज देखे बिना लौट रहे हैं। वीकेंड और छुट्टियों में भी आगरा आने वाले पर्यटकों की संख्या 20 से 30 हजार हो जाती थी। इस समय एक दिन में अधिकतम 5000 टिकट ही बुक हो सकती है। इसके चलते पर्यटक मायूस होकर दशहरा घाट और मेहताब बाग की ओर जाकर ही ताज की झलक देखकर लौट रहा है।
आगरा शहर में पर्यटन उद्योग से जुड़े लाखों लोगों के चिंताजनक आर्थिक हालातों को देखते हुए आगरा के महापौर नवीन जैन आगे आए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रह्लाद पटेल को पत्र लिखकर मांग की है कि ताजमहल में पर्यटकों की सीमित संख्या को पूरी तरह समाप्त किया जाए, क्योंकि आगरा एक पर्यटक नगरी है है और आगरा की एक बड़ी अर्थव्यवस्था ताजमहल पर निर्भर है। होटल, ट्यूरिज्म, रेस्टोरेंट, एम्पोरियम आदि से जुड़े हुए लाखों लोग ताजमहल पर लगने वाली बंदिशों व पर्यटकों की संख्या सीमित होने से बड़ी संख्या में बेरोजगार लोग काम की तलाश में घूम रहे हैं। आज भी बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक ताजमहल को देखना चाहते हैं, परन्तु पर्यटकों की सीमित संख्या (5000) होने के कारण देश-विदेश से आने वाले पर्यटक मायूस होकर लौट जाते हैं।
वहीं दूसरी ओर पर्यटकों की संख्या सीमित है और सिर्फ ऑनलाईन बुकिंग की जा रही है, जिससे ब्लैक टिकट का धंधा बड़ गया है, जिसके कारण ताजमहल पर लपकों का गिरोह भी सक्रिय हो गया है। जब अनलॉक प्रक्रिया के दौरान सभी प्रकार की गतिविधियों को शुरू कर दिया गया है तो ताजमहल पर इस प्रकार से बंदिशें क्यों हैं।
महापौर नवीन जैन ने पीएम मोदी और केंद्रीय पर्यटन मंत्री से मांग की है कि ताजमहल को 5000 की सीमिति संख्या से बांधा है उसे हटाया जाए व अन्य सभी प्रकार की बंदिशांे से भी ताज को मुक्त किया जाए, ऑनलाईन बुकिंग के साथ-साथ ऑफलाईन टिकट बिक्री को भी बढ़ाया जाए। इसके अतिरिक्त कोरोना काल से पूर्व की भांति ताजमहल की सभी व्यवस्थाएं यथावत रखी जाएं, जिससे आगरा के पर्यटन व्यवसायी व व्यापारियों के साथ-साथ इस क्षेत्र से जुड़े लाखों लोगों को लाभ मिल सके।
- Configuring the Slotsvader Casino App Step by Step in Canada - September 18, 2026
- Slimking Casino Mobiele Website versus App in Nederlandse markt - September 17, 2026
- Mostbet Casino: Hraní na mobilu and Rychlé bankovnictví in České republice - September 17, 2026