अमेरिका में एक और बैंक डूब गया है। देश के रेगुलेटर्स ने रिपब्लिक फर्स्ट बैंक (Republic First Bank) की कमान अपने हाथ में लेकर इमसे फुल्टन बैंक (Fulton Bank) को बेच दिया है। फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेस कॉरपोरेशन (FDIC) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अमेरिका में पिछले साल रीजनल बैंकिंग संकट के कारण पांच बैंक डूच गए थे। उसके बाद से कई रीजनल बैंक दबाव में हैं। इसका पहला शिकार फिलाडेल्फिया का रिपब्लिक फर्स्ट बैंक बना। एफडीआईसी ने इस बैंक की फुल्टन फाइनेंशियल कॉरपोरेशन की यूनिट फुल्टन बैंक को बेचने पर सहमति जताई है। फुल्टन बैंक उसके सारे डिपॉजिट्स को ले लेगा और सारी एसेंट्स को खरीद लेगा।
31 जनवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक रिपब्लिक बैंक की कुल एसेंट छह अरब डॉलर और डिपॉजिट चार जरब डॉलर था। न्यू जर्सी, पेनसिल्वेनिया और न्यूयॉर्क में बैंक की 32 शाखाएं फुल्टन बैंक की ब्रांचेज के रूप में खुलेंगी। पिछले साल अमेरिका में तीन बैंक डूब गए थे। सिलिकॉन वैली और सिग्नेचर बैंक मार्च में और फर्स्ट रिपब्लिक मई में डूबा था।
एफडीआईसी ने कहा कि रिपब्लिकन फर्स्ट बैंक को पेनसिल्वेनिया स्टेट रेगुलेटर्स ने बंद किया। यह अमेरिका में इस साल डूबने वाला पहला बैंक है। पेनसिल्वेनिया डिपार्टमेंट ऑफ बैंकिंग एंड सिक्योरिटीज ने इस बैंक को बंद करने के बाद एफडीआईसी को रिसीवर नियुक्त किया।
हालांकि पिछले साल के रीजनल बैंकिंग संकट के मुकाबले रिपब्लिक बैंक का संकट काफी छोटा है। जिन लोगों का रिपब्लिक बैंक में पैसा जमा है वे फुल्टन बैंक के ग्राहक बन जाएंगे। एफडीआईसी का डिपॉजिट इंश्योरेंस कवर 250,000 डॉलर प्रति डिपॉजिटर है।
क्या है संकट की वजह
एफडीमाईसी का कहना है कि अमेरिका में पिछले साल नवंबर के बाद पहली बार कोई बैंक हुबा है। तब Iowa प्रांत के Sac City का सिटीजन्स बैंक हुच गया था। रिपब्लिक फर्स्ट बैंक पिछले साल डूबे फर्स्ट रिपब्लिक बैंक से अलग है। सैन फ्रांसिस्को का यह बैंक मई में डूबा था और इसके एसेट्स जेपी मोर्गन चेज को बेचे गए थे। रिपब्लिक फर्स्ट बैंक ऐसे समय डूचा है जब रीजनल बैंक बुरे दौर से गुजर रहे हैं।
ऊची व्याज दरों के कारण क्रेडिट पर आधारित इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित हुई है। पिछले साल सिलिकॉन वैली बैंक के डूबने के बाद बैंकिंग संकट शुरु हुआ था। उसके कुछ दिन बाद सिग्नेटर बैंक और फिर फर्स्ट रिपब्लिक बैंक डूब गए थे। कुल मिलाकर अमेरिका में पिछले साल पाच बैंक हुबे थे।
हाल में न्यूयॉर्क कम्युनिटी बैंक के शेयरों में भी भारी उथलपुथल देखने को मिली थी। बैंक ने कहा था कि उसे कंपनी के कंट्रोल में कई खामियां देखने की मिली हैं। इसके बाद ग्राहकों ने धड़ाधड़ बैंक से पैसे निकालने शुरू कर दिए थे। आखिरकार मार्च में बैंक को निवेशकों से एक अरब डॉलर की इक्विटी इन्वेस्टमेंट की लाइफलाइन मिली।
बैंक के निवेशकों में पूर्व ट्रेजरी सेक्रेटरी Steven Mnuchin की कंपनी Liberty Strategic Capital शामिल है।
जानकारों का कहना है कि करीच एक दशक तक सेंट्रल बैंकों ने लोगों को ईजी मनी और भारी लिक्विडिटी की लत लगा दी है। अब वे पॉलिसी की सखा बना रहे हैं जिससे फाइनेंशियल सिस्टम में सकट पैदा ही गया है। साल 2022 में अमेरिकी बैंकों को 620 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था। महंगाई पर काबू करने के लिए अमेरिकी फेड रिजर्व जिस तरह ब्याज दरों की बढ़ाया था, उससे बैंकों की हालत खस्ता ही गई थी।
-एजेंसी
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