Agra News: रावतपाड़ा चौराहे पर आवारा गोवंश का आतंक, दिनभर जाम और हादसों का बढ़ा खतरा, नगर निगम और पार्षदों की लापरवाही से लोग परेशान

स्थानीय समाचार

आगरा। रावतपाड़ा चौराहा और पीपल मंडी क्षेत्र इन दिनों आवारा गोवंश की समस्या से बुरी तरह जूझ रहा है। सुबह से लेकर देर शाम तक 20 से 40 के बीच गायें और बछड़े पूरे चौराहे तथा सड़कों पर डेरा जमाए रहते हैं। भीड़भाड़ वाले इस बाजार क्षेत्र में गोवंश के झुंड न सिर्फ यातायात बाधित करते हैं, बल्कि आए दिन हादसों की वजह भी बन रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार आवारा पशु बच्चों और बुजुर्गों को सिंग मारकर घायल कर चुके हैं। बाजार में खरीदारी करने आने वाले लोगों से लेकर स्कूली छात्र, रिक्शा चालक और दुकानदार—सभी आए दिन जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर हैं।

नगर निगम की बड़ी लापरवाही, समस्या लगातार गंभीर

नागरिकों का आरोप है कि नगर निगम आगरा इस समस्या को लेकर पूरी तरह उदासीन है। बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो कैटल कैचर वाहन समय पर आता है, न ही कोई स्थायी समाधान दिखाई देता है। इलाके में गोवंश पकड़ने की नियमित व्यवस्था न होने से हर दिन स्थिति और विकराल होती जा रही है।

पार्षदों पर भी सवाल, शिकायत पर ‘ज्ञान की घुट्टी’

स्थानीय निवासियों ने बताया कि क्षेत्र के पार्षद भी इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं देते। मौखिक शिकायत करने वालों को समाधान देने की बजाय ज्ञान देकर टाल दिया जाता है। लोग नाराज़ हैं कि चुनाव के समय किए गए वादे सिर्फ कागज़ों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ रही है।

व्यापारी और राहगीर दोनों परेशान

पीपल मंडी और रावतपाड़ा चौराहे पर पैदल चलना भी चुनौती बन गया है। सुबह से शाम और यहाँ तक कि रात भी सड़क पशुओं से भरी रहती है, जिससे रिक्शा, बाइक और कार चालकों को बार-बार जाम व दुर्घटना का सामना करना पड़ता है। कई बार गोवंश अचानक सड़क पर दौड़ लगाते हैं, जिससे वाहन चालक असंतुलित होकर गिर जाते हैं।

स्थानीय लोगों की मांग: तत्काल कार्रवाई हो

क्षेत्रवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि

नियमित रूप से कैटल कैचर टीम की गश्त की जाए

पकड़े गए गोवंश को सुरक्षित गौशालाओं में भेजा जाए

चौराहे पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं

पार्षद व अधिकारियों को मौके पर निरीक्षण करना चाहिए

लोगों का कहना है कि समस्या अब खतरे में बदल चुकी है, और अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी दुर्घटना को रोक पाना मुश्किल होगा।

Dr. Bhanu Pratap Singh