पंचोत्सव में विभिन्न रूपों में दर्शन देंगे महाणगणपति
31 को दीपावली पर सुबह होगा महाभिषेक और संध्या में महाआरती
आगरा। शुभता के प्रतीक दीपोत्सव का धनतेरस के साथ शुभारंभ होते ही श्रीवरद वल्लभा महागणपति ने स्वर्ण आभा धारण कर स्वर्ण मुकुट में दर्शन दिए। मंगलवार को धनतेरस के अवसर पर सुबह से भक्तों का तांता आगरा−छलेसर रोड स्थित श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर में भक्ताें का तांता लगा रहा। सिंदूरी वस्त्र, स्वर्ण आभूषण एवं मुकुट को धारण किये श्रीमहागणपति अपने वरद हस्त से भक्तों को दर्शन दे रहे थे। विशेष प्रसादी का पान भक्तों ने किया। सायं काल धन्वंतरि पूजन हुआ।
मंदिर प्रबंधक नितिन शर्मा ने बताया कि पंचोत्सव के पांचों दिन महागणपति के दर्शन स्वर्ण आभा लिये होंगे। दीपावली पर 31 अक्टूबर को विशेष रूप से सुबह 6 बजे महाभिषेक होगा। सुबह 8:30 बजे से स्वर्ण दर्शन का लाभ भक्त पूरे दिन उठा सकेंगे। सुबह 10 बजे महागणपति हवन होगा।
सायं 6 बजे मंदिर परिसर में दीपदान होगा। भक्त अपनी इच्छानुसार 5, 7, 11, 21आदि संख्या में दीपदान कर सकते हैं। दीपदान के बाद महाआरती होगी, जिसमें पांच प्रकार की आरतियां महागणपति जी की जाएंगी। बता दें कि श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर उत्तर भारत का पहला दक्षिण भारतीय शैली से बना गणेश जी का मंदिर है। मंदिर में पूजन पद्धति भी दक्षिण भारतीय ही है।
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