आगरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 गौरवशाली वर्षों के उपलक्ष्य में शनिवार को सरोजिनी नायडू (एस.एन.) मेडिकल कॉलेज में एक विशेष ‘प्रबुद्ध जन संगोष्ठी एवं संवाद’ का आयोजन किया गया। ’12 साल के विश्वास, विकास और जनकल्याण’ विषय पर केंद्रित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती और चिकित्सा शिक्षा में आए क्रांतिकारी बदलावों का व्यापक विश्लेषण किया गया।
स्वास्थ्य सेवा में अभूतपूर्व बदलाव
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और विधायक डॉ. जी.एस. धर्मेश ने सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने विशेष रूप से एस.एन. मेडिकल कॉलेज के कायाकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के तहत मिली सुविधाओं से आज यहां ओपन हार्ट बाईपास सर्जरी जैसी जटिल प्रक्रियाएं संभव हो गई हैं, जो सीधे तौर पर आम आदमी के लिए वरदान साबित हो रही हैं।
आयुष्मान भारत: गरीबों का संबल
संगोष्ठी में आयुष्मान भारत योजना को गेम-चेंजर बताया गया। केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल और आमजन के लिए सुलभ बनाने हेतु नेशनल हेल्थ मिशन और ई-संजीवनी के माध्यम से ढांचागत सुधार किए गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए [आधार कार्ड Redacted] की सुविधा के आधार पर आयुष्मान कार्ड की पात्रता सुनिश्चित कर दी गई है, जो वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
चिकित्सा शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
एस.एन. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने जिले व कॉलेज स्तर पर हुए आधुनिकीकरण का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में देश में केवल 7 एम्स थे, जिनकी संख्या आज 23 हो गई है। यह मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में आई उस तेजी का प्रमाण है, जिसने मरीजों को त्वरित और उच्च गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया है।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य और डिजिटल मिशन
कार्यक्रम में मातृ मृत्यु अनुपात (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) में आई गिरावट को एक बड़ी उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया गया। साथ ही, आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA ID) के महत्व पर जोर देते हुए बताया गया कि डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली से मरीजों को अब देशभर में बिना किसी बाधा के सहज चिकित्सा सेवाएं मिल रही हैं।
प्रबुद्ध जनों का संवाद
संगोष्ठी में शहर के चिकित्सकों, शिक्षाविदों और समाजसेवियों के साथ एक खुला संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान डॉ. सुशील गुप्ता, डॉ. पूरन डाबर और डॉ. पंकज सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने स्वास्थ्य नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।
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