आगरा: वित्तीय धोखाधड़ी में वांछित बिल्डर प्रखर गर्ग के खिलाफ पुलिस कुर्की का नोटिस चस्पा करने के बाद उसकी तलाश में दबिश देती रही, लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर अपनी जमानत कराने में सफल हो गया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हाल ही में प्रखर गर्ग के प्रयागराज में संतों के साथ होने की जानकारी मिली थी। पुलिस इस जानकारी पर आगे बढ़ती उससे पहले शनिवार को प्रखर गर्ग यहां दीवानी न्यायालय में पेश हो गया और अदालत ने उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश कर दिए। अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं का तर्क सुनने के बाद 20-20 हजार के दो निजी मुचलकों पर आरोपी को रिहा करने के आदेश दिए।
गौरतलब है कि तीन दिन पहले ही पुलिस ने बाईपास रोड पर कमला नगर के सामने स्थित द्वारिकापुरम कॉलोनी में प्रखर गर्ग के घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा करने के साथ मुनादी भी कराई थी।
प्रखर गर्ग और उसकी पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी के 25 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ चेक बाउंस के भी कई मामले अदालत में चल रहे हैं। पिछले दिसंबर माह में प्रखर गर्ग के घर ईडी ने भी छापा मारा था। आरोप है कि उसने ईडी द्वारा जब्त संपत्ति का सौदा किया था।
मीडिया में वायरल हुए चित्रों में प्रखर गर्ग पिछले दिनों महाकुंभ में साधु-संतों के साथ डुबकी लगाता नजर आया। प्रखर के साथ मथुरा से भाजपा सांसद हेमा मालिनी भी थीं।
जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि के इंस्टाग्राम अकांउट पर विगत 29 जनवरी को एक वीडियो अपलोड किया गया। वीडियो की शुरुआत में पहले अवधेशानंद गिरी, सांसद हेमा मालिनी और बाबा रामदेव संगम में स्नान करते दिख रहे हैं। संतों के बीच में प्रखर गर्ग भी डुबकी लगाते हुए दिखाई दे रहा है। पुलिस को जब इसकी भनक लगी तो वह महाकुंभ जाकर प्रखर को गिरफ्तार करने की योजना बनाने लगी। लेकिन उससे पहले प्रखर गर्ग शनिवार को गुपचुप तरीके से यहां दीवानी अदालत में हाजिर हो गया।
एक साल पहले प्रखर गर्ग वृंदावन कॉरिडोर के लिए 510 करोड़ रुपये दान देने की इच्छा जताकर सुर्खियों में आया था। ट्रांसपोर्ट नगर निवासी अरुण सौंधी ने प्रखर गर्ग पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज कराया था। एफआईआर के बाद से ही परिवार सहित शहर छोड़कर फरार हो गया।
इससे पहले थाना हरीपर्वत पुलिस ने अक्टूबर, 2022 में धोखाधड़ी के मामले में आरोपी बिल्डर प्रखर गर्ग को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। वहां से उसे जेल भेज दिया गया था।
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