Agra News: मोबाइल का ‘डिजिटल नशा’ अफीम-शराब से भी ज्यादा खतरनाक, नागरी प्रचारिणी सभा में गूंजी चेतावनी

PRESS RELEASE

आगरा: तेजी से डिजिटल होती दुनिया में मोबाइल फोन अब बच्चों के लिए खिलौना नहीं, बल्कि एक ऐसा ‘नशा’ बन गया है जो शराब और अफीम से भी अधिक घातक साबित हो रहा है। शहर की प्रतिष्ठित संस्था नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा आयोजित विचार गोष्ठी ‘मोबाइल और बचपन का भविष्य’ में शिक्षाविदों और चिकित्सकों ने इस डिजिटल महामारी पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

​अफीम और शराब से भी बुरा है यह एडिक्शन

गोष्ठी के मुख्य अतिथि और आगरा पब्लिक स्कूल के चेयरमैन महेश चंद्र शर्मा ने दोटूक शब्दों में कहा कि मोबाइल की लत अफीम, भांग और शराब के नशे से कहीं अधिक खतरनाक है। उन्होंने चेतावनी दी कि मोबाइल का रेडिएशन बच्चों की आंखों की रोशनी छीन रहा है, जिसके कारण बहुत कम उम्र में ही बच्चों को मोटे चश्मे लगाने पड़ रहे हैं।

​बिजनेस एल्गोरिद्म का शिकार बन रहे हैं बच्चे

लोटस हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. अनुपम शर्मा ने मोबाइल के पीछे छिपे बिजनेस मॉडल का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मोबाइल ऐप्स का एल्गोरिद्म इस तरह डिजाइन किया जाता है कि बच्चा चाहकर भी स्क्रीन से नजरें नहीं हटा पाता। यह केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक पूरी प्रणाली है जो हमारी संस्कृति और बच्चों के व्यवहार को बदल रही है।

​टोकरी में रखें मोबाइल: अनुशासन ही एकमात्र समाधान

कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ता सुमन सुराना ने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए एक व्यावहारिक समाधान सुझाया। उन्होंने बताया कि उनके घर में भोजन के समय सभी सदस्यों को मोबाइल एक टोकरी में जमा करने होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अभिभावक खुद मोबाइल का उपयोग सीमित कर अनुशासन दिखाएं, तभी बच्चों को इस लत से बचाया जा सकता है।

​मानसिक स्वास्थ्य और याददाश्त पर प्रहार

सभा के सभापति डॉ. खुशीराम शर्मा ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि अत्यधिक स्क्रीन टाइम बच्चों की याददाश्त, एकाग्रता और नींद को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। गोष्ठी में उपस्थित तमाम विद्वानों ने एक स्वर में कहा कि यदि समय रहते समाज नहीं जागा, तो आने वाली पीढ़ी मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद कमजोर हो जाएगी।

​कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. ब्रज विहारी लाल वर्मा द्वारा सरस्वती वंदना से हुई। संयोजक डॉ. विनोद माहेश्वरी ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि अंत में प्रो. चंद्रशेखर शर्मा ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान आगरा के कई गणमान्य बुद्धिजीवी और शिक्षाविद मौजूद रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh