Agra News: बेसहारा कुत्तों को खाना खिलाने पर मां-बेटी पर रॉड से जानलेवा हमला, पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

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आगरा। शहर के शाहगंज इलाके की चारबाग गली में मानवीय संवेदना को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ कम्युनिटी डॉग्स (आवारा कुत्तों) को खाना खिलाने को लेकर उपजा विवाद इतना बढ़ गया कि पड़ोसियों ने पशु प्रेमी मां-बेटी पर लोहे की रॉड और डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बरता में न केवल मां-बेटी घायल हुईं, बल्कि एक बेजुबान कुत्ते ने भी अपनी जान गँवा दी।

​पुलिस पर लगा ‘मिलीभगत’ का संगीन आरोप

पीड़िता शालू का आरोप है कि इस मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। 26 जून को जब उन्होंने पहली बार शिकायत की, तो केदार नगर चौकी के अधिकारी देव द्विवेदी पर आरोप है कि उन्होंने राजनीतिक दबाव में आकर आरोपियों को छोड़ दिया और पीड़ित परिवार पर जबरन समझौता करने का दबाव बनाया। इसी का नतीजा रहा कि 29 जून को आरोपियों का हौसला और बढ़ गया और उन्होंने शालू की मां सुमन के साथ बेरहमी से मारपीट की।

नगर निगम की टीम से भी अभद्रता

घटना की गंभीरता को देखते हुए पशु कल्याण कार्यकर्ता विनीता अरोड़ा (कैस्पर होम्स की संस्थापक) ने हस्तक्षेप किया। उनके अनुरोध पर नगर निगम की टीम एबीसी रूल्स-2023 के तहत कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए मौके पर पहुँची। आरोप है कि स्थानीय दबंगों ने सरकारी कर्मचारियों के साथ भी धक्का-मुक्की और बदसलूकी की ।

प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

लगातार मिल रही धमकियों और मारपीट के बाद, पीड़ित परिवार ने पुलिस उपायुक्त सिटी से न्याय की गुहार लगाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। इस संघर्ष में पशु प्रेमी संगठन ‘गौ रक्षक दल’ आगरा और कैस्पर होम्स ने पीड़ितों का समर्थन करते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

​पशु कल्याण कार्यकर्ताओं का कहना है कि संविधान के अनुच्छेद 51ए (जी) के तहत पशुओं के प्रति दया भाव रखना और उनकी रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है। पीड़ित परिवार अब दहशत के साये में जीने को मजबूर है और उन्होंने पुलिस से अपनी सुरक्षा की मांग की है।

Dr. Bhanu Pratap Singh