आगरा। अर्जुन नगर गेट से सिविल एयरपोर्ट के ट्रांजिट लाउंज तक बने नए कवर्ड पाथ-वे ने हवाई यात्रियों के आवागमन को न सिर्फ आसान बल्कि सुरक्षित भी बना दिया है। बारिश और तेज धूप से राहत देने वाला यह पैदल मार्ग आगरा सिविल एयरपोर्ट के बढ़ते कद और यात्रियों के बढ़ते भरोसे का प्रतीक बन गया है। सीमित उड़ानों के बावजूद यहां यात्री संख्या हैंडलिंग क्षमता से करीब छह गुना तक पहुंच चुकी है।
जलभराव से राहत, आवाजाही हुई सुगम
एयरपोर्ट डायरेक्टर विवेक कुमार शर्मा के अनुसार अर्जुन नगर गेट से ट्रांजिट लाउंज तक लगभग एक फुट ऊंचा कवर्ड पैदल मार्ग तैयार किया गया है। मानसून में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए जगह-जगह क्रॉस पाइप डाले गए हैं, जिससे बरसात के दौरान यात्रियों को होने वाली परेशानी अब लगभग समाप्त हो गई है।
क्षमता से कई गुना ज्यादा यात्री आवागमन
सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा के प्रतिनिधिमंडल ने एयरपोर्ट डायरेक्टर से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान बताया गया कि सीमित एयर कनेक्टिविटी के बावजूद रोजाना करीब 1500 यात्रियों का आवागमन आगरा एयरपोर्ट से हो रहा है, जबकि सिविल एन्क्लेव की हैंडलिंग क्षमता मात्र 250 यात्रियों की है। फिलहाल चार शेड्यूल्ड फ्लाइटें संचालित हैं, लेकिन आगरा, मथुरा समेत आसपास के जिलों से नई उड़ानों की लगातार मांग बनी हुई है।
इंडिगो की उड़ानें फुल कैपेसिटी पर
इंडिगो एयरलाइंस मुंबई और बेंगलुरु रूट पर 220 यात्रियों की क्षमता वाले A321 विमान का संचालन कर रही है। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार ये उड़ानें लगभग पूरी क्षमता के साथ चल रही हैं, जो आगरा में हवाई यात्रा की मजबूत मांग को दर्शाता है। पार्किंग की सीमित क्षमता को देखते हुए विमानों को टर्मिनल से बाहर ले जाने के लिए पुशबैक सिस्टम अपनाया जा रहा है, जिससे समय और स्थान—दोनों की बचत हो रही है।
आर्थिक स्थिति में सुधार, चार्टर उड़ानों से सहारा
पिछले वित्तीय वर्ष में आगरा एयरपोर्ट का संचालन व्यय करीब 21 करोड़ रुपये रहा, जबकि आय लगभग 16 करोड़ रुपये दर्ज की गई। चालू वित्तीय वर्ष में स्थिति और बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। आगरा एक कस्टम हवाई अड्डा है, जहां विदेशी चार्टर उड़ानों के लिए ‘ऑन डिमांड’ कस्टम क्लीयरेंस की सुविधा उपलब्ध है। यहां आने वाली चार्टर उड़ानों में लगभग 40 प्रतिशत विदेशी होती हैं।
इंडिगो द्वारा कार्गो सेवा भी संचालित की जा रही है। आगरा से मुख्य रूप से चांदी के उत्पादों का कार्गो भेजा जाता है। एयरपोर्ट प्रबंधन का प्रयास है कि कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत किया जाए।
धनौली सिविल एन्क्लेव से बदलेगा भविष्य
धनौली में बन रहा नया सिविल एयरपोर्ट 2027 से पहले चालू होने की उम्मीद है। इसके साथ ही आगरा-जगनेर रोड पर जलभराव रोकने के लिए प्रभावी नाला निर्माण की आवश्यकता भी बताई गई है, जो खेरिया और धनौली—दोनों क्षेत्रों के लिए अहम साबित होगी।
मेट्रो विस्तार और परिवहन सुविधाओं की मांग
हालांकि मेट्रो रेल का विस्तार खेरिया एयरपोर्ट तक प्रस्तावित है, लेकिन सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा ने इसे धनौली में बन रहे सिविल एन्क्लेव तक बढ़ाने की मांग उठाई है। यह सुझाव सांसद राजकुमार चाहर के संज्ञान में भी लाया गया है।
अर्जुन नगर गेट से टर्मिनल तक एएमसीपीटीएल द्वारा चार इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं, जिनका किराया 50 रुपये है। यात्रियों की नाराजगी को देखते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी इस शुल्क को समाप्त कराने के लिए परिवहन कंपनी से बातचीत कर रही है।
इसके अलावा टैक्सी और ऑटो चालकों द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने का मुद्दा भी उठाया गया है। सिविल सोसाइटी ने यहां किराया सूची बोर्ड लगाने और रेलवे स्टेशनों की तर्ज पर नियंत्रित बुकिंग व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया है।
सिविल सोसाइटी ऑफ आगरा के प्रतिनिधिमंडल में सचिव अनिल शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार राजीव सक्सेना और फोटो जर्नलिस्ट असलम सलीमी शामिल रहे। संगठन का कहना है कि जहां प्रदेश के कई एयरपोर्ट केवल शोपीस बनकर रह गए हैं, वहीं आगरा एयरपोर्ट नियमित चार्टर और शेड्यूल्ड उड़ानों के जरिए अच्छा कारोबार कर रहा है। यहां के कुल फुटफॉल में करीब 30 प्रतिशत विदेशी पर्यटक शामिल हैं।
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