आगरा: उत्तर प्रदेश के फिजियोलॉजिस्टों का प्रतिष्ठित वार्षिक सम्मेलन ASSOPICON-UP 2025 का आयोजन 28 मार्च को ताज नगरी आगरा में सफलतापूर्वक आरंभ हुआ। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की गरिमामयी मेज़बानी सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज, आगरा ने की। इसमें देशभर के अग्रणी चिकित्सा शिक्षकों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों की भागीदारी रही।
सम्मेलन का उद्देश्य और जनसामान्य के लिए महत्व:
इस वर्ष सम्मेलन का प्रमुख विषय रहा “साइको-न्यूरोफिजियोलॉजी” (Psycho-Neurophysiology) — एक उभरता हुआ विज्ञान जो मन, मस्तिष्क और शरीर के परस्पर संबंधों को समझकर रोगों की समग्र चिकित्सा का मार्ग प्रशस्त करता है। यह विषय आम जनमानस के लिए अत्यंत उपयोगी है, क्योंकि:
• मानसिक तनाव, चिंता, नींद की गड़बड़ी, और भावनात्मक असंतुलन अनेक शारीरिक बीमारियों को जन्म दे सकते हैं।
• योग, ध्यान, संतुलित आहार और अनुशासित जीवनशैली इन समस्याओं का प्रभावी समाधान बन सकते हैं।
• वैज्ञानिक शोध यह स्पष्ट कर रहे हैं कि मस्तिष्क और पाचन तंत्र (Gut-Brain Axis) का गहरा संबंध हमारे मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
प्रमुख विषयवस्तु जिनका सीधा संबंध आमजन से है:
• माइंड-बॉडी मेडिसिन (Mind-Body Medicine):
यह दर्शाता है कि मन की स्थिति और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के बीच सीधा संबंध है। तनाव कम करने से अनेक रोगों में सुधार संभव है।
• योग और साइकोन्यूरोइम्यूनोलॉजी:
नियमित योगाभ्यास से मानसिक संतुलन के साथ-साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।
• गट-ब्रेन एक्सिस (Gut-Brain Axis):
अस्वस्थ पाचन क्रिया से मानसिक रोगों की संभावना बढ़ती है। उचित आहार और जीवनशैली अपनाकर मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है।
• Surface EMG और न्यूरो-रिहैबिलिटेशन:
लकवा, मिर्गी, न्यूरोलॉजिकल चोटों में यह तकनीक आधुनिक उपचार में सहायक सिद्ध हो रही है।
सम्मेलन में SNMC, आगरा की अग्रणी भूमिका
इस आयोजन की सफलता में सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज, आगरा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही।
• डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य एवं अधिष्ठाता, एस.एन. मेडिकल कॉलेज — मुख्य संरक्षक (Chief Patron) के रूप में नेतृत्वकारी भूमिका में रहे।
• डॉ. ऋचा श्रीवास्तव, ऑर्गनाइजिंग चेयरपर्सन,
• डॉ. दिव्या श्रीवास्तव, ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी,
• डॉ. अशुतोष भारद्वाज, कोषाध्यक्ष (Treasurer), ASSOPICON-UP 2025 — इन सभी ने आयोजन को उत्कृष्ट वैज्ञानिक स्तर, अनुशासन और गरिमा प्रदान की।
वरिष्ठ राष्ट्रीय फैकल्टी का विशिष्ट योगदान:
• डॉ. श्रद्धा सिंह, अध्यक्ष, ASSOPI-UP एवं विभागाध्यक्ष, फिजियोलॉजी विभाग, किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज, लखनऊ — सम्मेलन की प्रमुख प्रेरक शक्ति रहीं। उन्होंने H. Pylori संक्रमण के न्यूरोलॉजिकल प्रभाव पर व्याख्यान द्वारा रोगों के मनो-शारीरिक दृष्टिकोण को नई दिशा दी।
• डॉ. जी. के. पाल, महासचिव, ASSOPI एवं प्रोफेसर, फिजियोलॉजी विभाग, AIIMS पटना — उन्होंने Gut-Brain Axis और Psychophysical Health पर अपनी गहन अंतर्दृष्टि साझा की, जो विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए अमूल्य रही।
• डॉ. नरसिंह वर्मा, प्राचार्य एवं अधिष्ठाता, हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, अटरिया, सीतापुर — उन्होंने आयोजन में मार्गदर्शक की भूमिका निभाई और उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान में नवाचार की आवश्यकता पर बल दिया।
गौरवपूर्ण उपस्थिति:
• डॉ. डी.के. हाज़रा, गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में आमंत्रित रहे। उन्होंने अपने दीर्घ अनुभव से उपस्थितजनों को चिकित्सा और मानवता के उच्च आदर्शों की प्रेरणा दी।
निष्कर्ष:
ASSOPICON-UP 2025 ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज की चिकित्सा प्रणाली केवल शारीरिक लक्षणों के उपचार तक सीमित नहीं रह सकती।
मन, मस्तिष्क और शरीर के संतुलन पर आधारित समग्र चिकित्सा ही भविष्य है।
यह सम्मेलन न केवल चिकित्सकों और शोधकर्ताओं के लिए एक शैक्षणिक अवसर था, बल्कि समाज के लिए स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन और वैज्ञानिक चेतना का संदेश लेकर आया।
रिपोर्टर- पुष्पेंद्र गोस्वामी
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