आगरा। करीब चार साल पहले भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के तत्कालीन महानगर अध्यक्ष शैलू पंडित पर हुए जानलेवा हमले के मामले में आगरा की विशेष अदालत ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी आसिफ बेग को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। इस फैसले ने उस चर्चित घटना पर विराम लगा दिया है जिसने 2022 में आगरा के राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी थी।
क्या था 2022 का मामला?
24 फरवरी 2022 को शाहगंज क्षेत्र में भाजयुमो नेता शैलू पंडित पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग और मारपीट की थी। इस हमले में शैलू पंडित गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के तुरंत बाद शहर में तनाव फैल गया था और पुलिस ने हत्या के प्रयास (307), मारपीट, फायरिंग और एससी/एसटी एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
अदालत का न्याय:
करीब चार वर्षों तक चली न्यायिक सुनवाई और अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आसिफ बेग को हमले का दोषी माना। वहीं, इस मामले में आरोपी बनाए गए शाहिद बेग और अन्य सह-आरोपियों को पर्याप्त सबूतों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
पीड़ित पक्ष को मिली राहत
लंबे समय से चल रहे इस मुकदमे में आए फैसले ने पीड़ित पक्ष को बड़ी राहत दी है। फैसला सुनाए जाने के दौरान न्यायालय परिसर में गहमागहमी बनी रही। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का यह निर्णय राजनीतिक रंजिश और कानून व्यवस्था के मामलों में एक कड़ा संदेश है। पुलिस और अभियोजन पक्ष के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण जीत है, क्योंकि उन्होंने इस जटिल मामले में सबूतों को सफलतापूर्वक अदालत में सिद्ध किया।
- सावन में काशी विश्वनाथ धाम में सोमवार को पूरी तरह बंद रहेगा वीआईपी प्रोटोकॉल, सिर्फ सामान्य कतार से होगी सभी श्रद्धालुओं की एंट्री - June 30, 2026
- अयोध्या में सियासी बवाल: राम मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ‘नजरबंद’, पत्नी ने जताया जान को खतरा - June 30, 2026
- Agra News: जमीन धोखाधड़ी मामले में जमानत पर बाहर सपा नेता के खिलाफ एक और नया मुकदमा, गवाहों को धमकाने और समझौते का दबाव बनाने का आरोप - June 29, 2026