Agra News: भक्ति और परंपरा का संगम, लड्डू गोपाल के सामूहिक अभिषेक और 56 ब्राह्मणों के दान से संपन्न हुआ एकादशी उद्यापन समारोह

PRESS RELEASE

आगरा। केशव कुंज, प्रताप नगर स्थित बुर्जी वाला मंदिर परिसर शुक्रवार को भक्ति और वैदिक परंपरा के रंग में सराबोर नजर आया। मॉर्निंग वॉक क्लब के तत्वावधान में आयोजित दसवें दो दिवसीय सामूहिक एकादशी उद्यापन समारोह का समापन दूसरे दिन श्रद्धा, अनुशासन और सनातन मूल्यों के सशक्त संदेश के साथ हुआ। पूरे परिसर में वैदिक मंत्रों की गूंज, विष्णु सहस्त्रनाम का सामूहिक पाठ और “गोविंद–गोविंद” के मधुर स्वर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भरते रहे।

द्वितीय दिवस की शुरुआत प्रातः गोविंद अभिषेक और विष्णु सहस्त्रनाम पाठ से हुई। इस अवसर पर सभी यजमान अपने-अपने घरों से लड्डू गोपाल को साथ लाए और भगवान श्रीकृष्ण के साकार स्वरूप के समक्ष सामूहिक अभिषेक व पूजन किया। लड्डू गोपाल के सान्निध्य में हुआ यह अनुष्ठान श्रद्धालुओं के लिए भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभूति से भरा रहा।

विष्णु सहस्त्रनाम पाठ के दौरान श्रीमन नारायण और गोविंद नाम के एकसाथ उच्चारण से मंदिर परिसर भक्तिरस में डूब गया। श्रद्धालुओं ने परिवार, समाज और राष्ट्र के कल्याण की कामना के साथ भगवान विष्णु से मंगल प्रार्थना की। इसके बाद सनातन परंपरा के अनुसार 56 ब्राह्मणों को विधिवत दान संपन्न कराया गया, जिसे विशेष पुण्यदायी माना जाता है।
आयोजन के समापन चरण में प्रसादी वितरण हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

मॉर्निंग वॉक क्लब के अध्यक्ष सीए मुकेश गोयल ने कहा कि सामूहिक एकादशी उद्यापन केवल धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि आत्मसंयम, सेवा और सामाजिक समरसता का प्रभावी माध्यम है। वहीं क्लब के महामंत्री रमेश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि यह परंपरा पिछले दस वर्षों से निरंतर निभाई जा रही है और हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या व आस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।

दो दिवसीय इस आयोजन का समापन भक्ति, अनुशासन और सेवा भाव के स्पष्ट संदेश के साथ हुआ, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं के मन में सनातन संस्कृति के प्रति विश्वास को और मजबूत किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में अखिलेश गोयल, विजय अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, अनुराग अग्रवाल, विशाल अग्रवाल, रिंकू बांसल, राकेश गर्ग, राजीव जैन, निखिल गर्ग, सरोज अग्रवाल, रीना गोयल, मधु अग्रवाल, हेमलता सहित अनेक सदस्यों का विशेष योगदान रहा।

Dr. Bhanu Pratap Singh