Agra (Uttar Pradesh, India)। घरों से निकलने वाले कूड़े को डंपिंग ग्राउंड तक पहुँचाने के लिए सड़क किनारे व क्षेत्रों में बने डलाबघरों में कूड़े को एकत्रित किया जाता था, लेकिन यह कूड़ा सड़क किनारे व क्षेत्रों में बने डलाबघरों में कम बल्कि सड़कों पर अधिक दिखाई देता था। सड़कों पर फैले कूड़े के कारण लोगों को गंदगी से दो चार होना पड़ता था। शहर की छवि भी धूमिल होती है। इस समस्या को देखते हुए महापौर नवीन जैन ने एक वर्ष पहले शहर को डलाबघर मुक्त बनाने की घोषणा की थी और इस योजना की शुरुआत कराई थी।
ये स्थान मिले डलाबघरमुक्त
आगरा शहर में निगम के कुल 154 स्थाई व अस्थाई डलाबघर है। सफाई व्यवस्था को दुरुस्त बनाये जाने के लिए महापौर द्वारा इन सभी डलाबघर को हटाए जाने के साथ इन स्थानों को डलाबघर मुक्त बनाये जाने की कवायद शुरू की गई थी। महापौर नवीन जैन इस योजना के अनुपालन में चल रहे कार्यो और निगम में दर्ज डलाबघर वाले स्थान अभी तक कितने डलाबघर मुक्त हो पाए है इसके औचक निरीक्षण के लिए निकले। डलाबघरों के निरीक्षण की सूचना मिलते ही निगम अधिकारी भी मौके पर पहुँच गए। महापौर ने निगम अधिकारियों के साथ इलाहाबाद बैंक पालीवाल पार्क, बाग मुजफ्फर खाँ, सेंट जोंस से लोहामंडी रोड पर बने डलाबघर का निरीक्षण करते हुए कृष्णा पैलेस के सामने कोठी मीना बाजार मैदान के पास वाले डलाबघर का निरीक्षण किया। इन स्थानों पर पहले कूड़ा एकत्रित होता था और बड़े डलाबघर का रूप ले लिया था लेकिन निरीक्षण के दौरान महापौर को इन स्थानों पर कूड़ा नहीं मिला और यह स्थान डलाबघर मुक्त मिले।
जीआईसी मैदान को बनाया डलाबघर
इस दौरान महापौर का काफिला जैसे ही आगे बढ़ा तो महापौर को जीआईसी मैदान में भारी मात्रा में नालों की सिल्ट पड़ी हुई दिखाई दी। महापौर ने तुरंत अपनी गाड़ी को घुमवाया और जीआईसी मैदान में पहुँच गए। नालों की सिल्ट के कारण मैदान डलाबघर में तब्दील नजर आ रहा था। ऐसा लग रहा था कि मैदान को निगम डलाबघर के रूप में प्रयोग में ले रहा है। इस दृश्य को देखकर महापौर आक्रोशित हो उठे और निगम अधिकारियों से नाराजगी जताई। महापौर ने कड़े तेवरों के साथ निगम अधिकारियों से पूछा यह क्या है। यहाँ पर सिल्ट कैसे जमा है। शहर को डलाबघर मुक्त बनाना है और आप लोगों ने मैदान को ही डलाबघर बना दिया है। महापौर के कड़े तेवरों को देख निगम अधिकारी भी सकते में आ गए।
जल्दी ही उठा लेंगे सिल्ट
निगम अधिकारियों ने महापौर को बताया कि क्षेत्र के जो छोटे नाले है उनकी सफाई मैनुअल और छोटी मशीनों से कराई गई है। ट्रेक्टर के वहाँ न पहुँच पाने के कारण उनकी सिल्ट को यहाँ एकत्रित किया गया है। जल्द ही यहाँ से सिल्ट उठा ली जाएगी। महापौर ने निगम अधिकारियों को तुरंत सिल्ट हटाने के निर्देश दिए। महापौर के निर्देश के बाद निगम अधिकारियों ने तुरंत मैदान से सिल्ट हटाये जाने का कार्य शुरू करा दिया।
नाले की सफाई का निरीक्षण
इसके बाद महापौर ने जीआईसी मैदान के पीछे बने नाले की सफाई का भी निरीक्षण किया। महापौर को नाले की सफाई तो मिली लेकिन वो संतोष जनक नहीं था। नाले में काफी सिल्ट भरी हुई थी। महापौर ने इस नाले की तलीझाड़ सफाई के निर्देश दिए जिससे बरसात में पानी अवरुद्ध न हो और किसी भी तरह का क्षेत्र में जलभराव न हो। महापौर नवीन जैन ने निगम अधिकारियों से साफ कहा कि नाला सफाई में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी और नालों की सिल्ट को भी दूसरे दिन उठा लिया जाए जिससे निकाली गई सिल्ट दोबारा नाले में जमा न हो जाये और क्षेत्र डलाबघर न लगे।
कार्य चल रहा
महापौर नवीन जैन ने बताया कि शहर को डलाबघर मुक्त बनाये जाने की जो योजना शुरू की गई थी आज उसके अनुपालन में चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया गया है। सेंट जोंस, बाग मुजफ्फर खाँ और कृष्णा पैलेस कोठी मीना बाजार में डलाबघरों का निरीक्षण किया गया है। यहाँ पहले डलाबघर थे लेकिन अब यह स्थान डलाबघर मुक्त हो गए हैं और इस योजना पर कार्य चल रहा है।

154 में से 27 स्थान डलाबघर से मुक्त
महापौर नवीन जैन ने बताया कि शहर में कुल 154 डलाबघर है। इनमे से 27 स्थानों के डलाबघरों को समाप्त कर दिया गया है। अब यह स्थान डलाबघरमुक्त हैं। यहाँ पर पहले डलाबघर हुआ करते थे। डलाबघर मुक्त हुए स्थान इस प्रकार हैं- वार्ड 17 आटा मील, वार्ड 64 घास की मंडी, वार्ड 20 चैन कुप्पी रोड, वार्ड 39 रकाबगंज साउथ, वार्ड 75 सिंडीकेट बैंक के पास आवास विकास, वार्ड 75 राजेन्द्र स्कूल के पास सेक्टर 10 आवास विकास, वार्ड 75 सेंट्रल पार्क के सामने सेक्टर 5 आवास विकास, वार्ड 75 सेक्टर 7 आवास विकास, वार्ड 69 शनि देव मंदिर सेक्टर 3 आवास विकास, वार्ड 69 टीवी टावर टंकी के पास सेक्टर 2 आवास विकास, वार्ड 46 पुलिस चौकी रोड सेक्टर 4 आवास विकास, वार्ड 46 करकुंज चौराहा के पास सेक्टर 11 आवास विकास, वार्ड 46 शिवालय इंटर कॉलेज के पास, वार्ड 92 पुलिस चौकी संजय पैलेस, वार्ड 94 काले का ताल दिल्ली गेट, वार्ड 52 मऊ रोड खंदारी, वार्ड 71 भगवान टॉकीज पुल के नीचे, वार्ड 43 जगनपुर, वार्ड 12 रुई की मंडी शाहगंज, वार्ड 34 गोशाला भोगीपुरा, वार्ड 21 FCI गोदाम के पास बिंदु कटरा, वार्ड 25 कोतवाली, वार्ड 16 सदर भट्टी, वार्ड 67 वर के पेड़ के पास अलबतिया रोड पर, वार्ड 51 आगरा पब्लिक स्कूल के सामने, वार्ड 13 लगड़े की चौकी, और इलाहाबाद बैंक के सामने पालीवाल पार्क, सेंट जोंस से लोहामंडी रोड पर और चित्रा टॉकीज बाग मुजफ्फर खाँ पर बने डलाबघर अब डलाबघर मुक्त हो चुके है। महापौर का कहना है कि शेष डलाबघरो को भी जल्द ही डलाबघर मुक्त बनाने के निर्देश दिए है
- Respin Casino 2026 – Arvostelu ja kokemus - June 12, 2026
- Best Online Casino 2026: Pelivalikoima ja voitot - June 12, 2026
- Parhaat nettikasinot Suomessa 2026: Maksutavat ja bonukset - June 10, 2026