अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट में मानवाधिकार पर सवाल उठाने को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है. तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में मानवाधिकार पर अमेरिका की रिपोर्ट सच्ची नहीं है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा है- अफ़ग़ानिस्तान में मानवाधिकार उस समय ख़त्म हो गया था, जब क़ब्ज़ा करने वाला अमेरिका और उसके सहयोगी हर दिन 200 अफ़ग़ानियों को मार रहे थे. उनके घरों पर बमबारी की जा रही थी.
तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि उस दौरान क़रीब 15000 राजनीतिक क़ैदी रखे गए थे. उन्होंने ट्वीट में लिखा है- मौजूदा समय में कोई भी अमानवीय कार्य नहीं है. यहाँ सभी वैध मानवाधिकारों की गारंटी दी जाती है इसलिए यहाँ के बारे में चिंता करने की कोई वजह नहीं है. अमेरिका ने मानवाधिकार पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि पिछले साल 15 अगस्त से पहले अफ़ग़ानिस्तान में एक चुनी हुई सरकार थी. लेकिन इसके बाद तालिबान ने सत्ता पर नियंत्रण कर लिया और अपने लोगों को सरकार में बिठा दिया. अमेरिका ने विस्तार से अफ़ग़ानिस्तान की मौजूदा स्थिति पर जानकारी दी है और दावा किया है कि वहाँ मानवाधिकार की स्थिति चिंतित करने वाली है.
-एजेंसियां
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