विश्व मास्टर्स चैम्पियनशिप में एक इसराइली प्रतिभागी से बात करने और हाथ मिलाने पर ईरान ने अपने एथलीट पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है.
ईरानी वेटलिफ़्टर मुस्तफ़ा राजाई ने इस मुकाबले में सिल्वर जीता और उन्हें पोडियम पर इसराइली ब्रॉन्ज विजेता के बगल में खड़ा देखा गया. इसके बाद ईरान की वेटलिफ़्टिंग फ़ेडरेशन ने उन पर प्रतिबंध लगा दिया.
ईरान ने एथलीटों को इसराइल के खिलाड़ियों के साथ किसी भी सीधी प्रतिस्पर्धा में भाग लेने से प्रतिबंधित किया है. नतीजतन, ईरानी खिलाड़ी अक्सर सीधे मैच से बचने के लिए गेम छोड़ देते हैं या चोट लगने का बहाना कर देते हैं.
40 साल के राजाई जब इसराइली एथलीट मक्सिम स्विरस्की के बगल में खड़े थे तो वो अपने देश के झंडे में लिपेटे हुए दिख रहे थे.
वे दोनों पोलैंड में हो रहे नॉन-प्रोफ़ेशनल कंपीटिशन में भाग ले रहे थे, जिसमें वेटलिफ़्लिटिंग के “दिग्गजों” के लिए आयोजित किया गया था.
राजाई ने थाईलैंड में हुए साल 2015 के एशियाई वेटलिफ़्टिंग चैंपियनशिप में ईरान का प्रतिनिधित्व किया था और ईरानी राष्ट्रीय टीम के पूर्व सदस्य हैं.
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने बताया कि उन्होंने “इस्लामिक गणराज्य की तय सीमाओं का उल्लंघन किया है.”
इससे पहले ईरान के शीर्ष नेता आयातुल्लाह अली ख़ामेनेई ने एथलीटों से कहा था कि वे 2021 में मेडल लेते समय इसराइली प्रतिद्वंद्वियों से हाथ न मिलाएं.
देश के इस नियम को मानने से इनकार करते हुए कुछ ईरानी खिलाड़ी देश भी छोड़ चुके हैं.
शतरंज के खिलाड़ी अलीरेज़ा फ़िरोज़ा उनमें से एक हैं, साल 2019 के चैंपियनशिप मुकाबले में उन्हें एक इसराइली खिलाड़ी के साथ भी खेलना था लेकिन देश के नियमों के कारण उन्हें टूर्नामेंट नहीं खेलने दिया गया. घटना के बाद उन्होंने ईरान छोड़ दिया.
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