Hathras (Uttar Pradesh, India) । लॉकडाउन के बाद कही जनसंख्या विस्फोट न हो जाए इसलिए आशा कार्यकर्ता कोरोना योद्धा बन कार्य रहीं हैं। वह घर-घर जाकर परिवार नियोजन के साधन पहुंचा रही हैं। कोरोना के चलते देश लाकडाउन है। महत्वपूर्ण चीजों में छूट दी गई है। इसके अलावा किसी भी प्रकार की गतिविधि पर रोक है। पीएम से लेकर चिकित्सक तक लोगों से घरों में रहकर ही कोरोना की लड़ाई में सहयोग देने की अपील लगातार कर रहे हैं। ऐसे में जनसंख्या न बढ़े इसके मद्देनजर आशाएं महिला-पुरुषों को फैमिली प्लानिंग सम्बन्धी जानकारी देने के साथ घर-घर परिवार नियोजन के संसाधनों का वितरण कर रही हैं। साथ ही वह कोरोना वायरस से बचाव के तरीके भी लोगों को बता रहीं हैं।
परिवार नियोजन के प्रति किया है रहा जागरूक
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग सहित सभी विभाग सतर्क है। स्वास्थ्यकर्मी गांवों में जाकर लोगों को सामाजिक दूरी बनाए रखने समेत अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां देकर जागरूक कर रहे हैं। बाहर से आने वाले लोगों को शेल्टर होम में क्वारंटीन किया जा रहा है। जनसंख्या ज्यादा न बढ़े इसको ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य महकमा पूरी संजीदगी के साथ परिवार नियोजन के प्रति लोगों को जागरूक करने में जुटा गया है। आशा कार्यकर्ता तथा एएनएम घर-घर जाकर लोगों को कोरोना वायरस से लड़ने के साथ परिवार नियोजन के फायदे बता रही हैं। आशाएं जहां बच्चों में अंतर रखने और अनचाहे गर्भ से बचने के लिए महिलाओं को छाया टेबलेट ले रही हैं, वहीं पुरूषों को कंडोम वितरित किए जा रहे हैं।
ये बोले फैमिली प्लानिंग एवं लॉजिस्टिक मैनेजर
जिला फैमिली प्लानिंग एवं लॉजिस्टिक मैनेजर विजय पाल सिंह ने बताया लाकडाउन की वजह से बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर घर वापस आ रहे हैं। परिवार नियोजन के लिहाज से यह समय अत्यधिक जरूरी है। विभाग इस अवधि में प्रवासी लोगों को परिवार नियोजन पर जानकारी देने एवं साधनों के इस्तेमाल की जानकारी दे रहा है। छाया टेबलेट, कंडोम व पंपलेट घरों में बांटी जा रही हैं।
लॉकडाउन के दौरान कहीं जनसंख्या न बढ़ जाए, ‘आशा’ कर रहीं ये काम
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