देश के 15 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की आशंका, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

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नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए एक गहरे कम दबाव के क्षेत्र (Deep Depression) ने पूरे देश की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले कुछ घंटों के लिए 15 राज्यों में मूसलाधार बारिश और विध्वंसक आंधी-तूफान को लेकर व्यापक चेतावनी जारी की है।

मौसम विशेषज्ञों ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा है कि इस दौरान देश के कई हिस्सों में हवाओं की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो जनजीवन और बुनियादी ढांचे के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकती है।

इन राज्यों पर मंडरा रहा है खतरा

मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस मौसमी हलचल का प्रभाव उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर मध्य और दक्षिणी भारत तक व्यापक रूप से महसूस किया जाएगा। सबसे अधिक प्रभावित होने वाले राज्यों में दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ मुख्य रूप से शामिल हैं।

​इसके अतिरिक्त, पहाड़ी क्षेत्रों में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के लिए मौसम विभाग ने अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए भूस्खलन (Landslide) और नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि की चेतावनी दी है।

वहीं, पूर्वी और दक्षिण भारत के राज्यों—बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तेलंगाना में भी तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश की प्रबल संभावना है।

​पूर्वोत्तर भारत के लिए विभाग ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने और चक्रवाती हवाओं के कारण गंभीर स्थिति उत्पन्न होने का अंदेशा जताया गया है।

प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मौसम की इस भयावह स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन की टीमों, विशेष रूप से NDRF और SDRF को पूरी तरह से अलर्ट मोड पर तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

प्रशासन ने समुद्र में हलचल को देखते हुए मछुआरों को गहरे पानी में जाने से पूरी तरह मना कर दिया है। इसके अलावा, पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रुकें और अनावश्यक यात्रा से बचें। निचले और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को भी बाढ़ जैसी संभावित परिस्थितियों के प्रति सचेत रहने की सख्त हिदायत दी गई है।

Dr. Bhanu Pratap Singh