आगरा का यमुना ब्रिज अपहरण कांड: 3 महीने बाद जगी उम्मीद, पुलिस ने कहा— ‘5 मार्च तक बरामद होगी दलित युवती’

स्थानीय समाचार

आगरा। यमुना ब्रिज क्षेत्र से बीते 7 दिसंबर 2025 को अपहृत हुई एक दलित युवती के मामले में आगरा पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है। लगभग तीन महीने बीत जाने के बाद भी युवती का सुराग न लगने से आक्रोशित परिजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सोमवार को थाना एत्मादुद्दौला का घेराव किया। सामाजिक कार्यकर्ता भावना वरदान शर्मा के नेतृत्व में परिजनों ने पुलिस से अब तक की प्रगति की जानकारी ली।

पुलिस का ‘5 मार्च’ का अल्टीमेटम

थाना प्रभारी एत्मादुद्दौला ने परिजनों और भावना वरदान शर्मा को आश्वस्त किया है कि पुलिस की कार्रवाई अब निर्णायक मोड़ पर है। पुलिस ने वादा किया है कि आगामी 5 मार्च तक युवती को बरामद कर आगरा लाया जाएगा और सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इस मामले में डीसीपी सिटी ने भी थाना प्रभारी को विशेष निर्देश जारी कर जल्द से जल्द परिणाम देने को कहा है।

​मोबाइल ट्रैकिंग और सर्विलांस से मिली लोकेशन

पुलिस की आईटी सेल और सर्विलांस टीम ने अपहरणकर्ता के मोबाइल नंबर की गहन जांच की है। जांच में चौकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी युवती को लगातार एक शहर से दूसरे शहर ले जाकर ठिकाने बदल रहा था ताकि पुलिस की पकड़ से बच सके। हालांकि, अब पुलिस को आरोपी का स्थायी ठिकाना और युवती की वर्तमान लोकेशन मिल चुकी है, जिसके आधार पर पुलिस टीम छापेमारी कर रही है ।

परिजनों का छलका दर्द: फोन पर रोई थी बेटी

परिजनों के अनुसार, 7 दिसंबर को युवती घरेलू सामान लेने निकली थी और फिर वापस नहीं लौटी। अपहरण के कुछ समय बाद युवती ने किसी तरह फोन कर माता-पिता को बताया था कि उसे बंधक बनाया गया है और उसके साथ मारपीट व हिंसा की जा रही है। युवती ने रोते हुए खुद को बचाने की गुहार लगाई थी, जिसके बाद से परिवार गहरे सदमे और दहशत में है।

​इस आश्वासन के बाद परिजनों को न्याय की उम्मीद बंधी है, लेकिन उनकी निगाहें अब 5 मार्च की समय-सीमा पर टिकी हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh