यूपी में विधान परिषद की छह शिक्षक सीटों पर चुनाव लड़ेगा राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ: डॉ. अनूप शर्मा

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विधान परिषद की छह शिक्षक सीटों पर चुनाव लड़ेगा राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ: डॉ. अनूप शर्मा

महासंघ के बैनर तले 12 से 23 जनवरी तक होंगे प्रदेशव्यापी कार्यक्रम

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Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat.

आगरा। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के माध्यमिक संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनूप शर्मा रविवार को आगरा पहुंचे। उनके आगमन पर महासंघ के संस्थापक डॉ. देवी सिंह नरवार के नेतृत्व में जिला महामंत्री डॉ. दुष्यंत कुमार सिंह,
जिला कोषाध्यक्ष हरिओम अग्रवाल, जिला संघर्ष समिति संयोजक मनोज कुमार ने
शॉल ओढ़ाकर एवं पटका पहनाकर भव्य स्वागत किया।

शिक्षक एमएलसी चुनाव की रणनीति

डॉ. अनूप शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधान परिषद की
छह शिक्षक सीटों पर होने वाले आगामी चुनाव
में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ अपने प्रत्याशी उतारेगा।
इसके लिए संगठन स्तर पर रणनीति और कार्य योजना तैयार कर ली गई है।

नवंबर 2026 में प्रस्तावित हैं चुनाव

उन्होंने बताया कि लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली–मुरादाबाद एवं
गोरखपुर–फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से निर्वाचित सभी एमएलसी का
कार्यकाल छह दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है,
जिसके लिए नवंबर 2026 में चुनाव प्रस्तावित हैं।
सलैक्शन एंड स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. देवी सिंह नरवार
वरिष्ठ पदाधिकारियों से परामर्श कर प्रत्याशियों के चयन पर मंथन कर रहे हैं।

कर्तव्य बोध दिवस के तहत आयोजन

डॉ. अनूप शर्मा ने बताया कि महासंघ के बैनर तले प्रदेश के सभी जनपदों में

12 जनवरी स्वामी विवेकानंद जयंती से 23 जनवरी नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती

तक कर्तव्य बोध दिवस के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसके पश्चात दो-दो मंडलों के संयुक्त अधिवेशन होंगे।

आगरा-अलीगढ़ मंडल का संयुक्त अधिवेशन

इसी क्रम में आगरा एवं अलीगढ़ मंडल का संयुक्त अधिवेशन
पांच फरवरी को आगरा में आयोजित किया जाएगा।
यह अधिवेशन शिक्षक एमएलसी चुनाव की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्षेत्रीय कार्यालय की मांग तेज

डॉ. देवी सिंह नरवार ने बताया कि आगरा में माध्यमिक शिक्षा परिषद के
क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना की मांग को लेकर महासंघ ने संघर्ष तेज कर दिया है।
संगठन मंत्री महेंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस विषय पर
वार्ता के लिए समय मांगा है। इसी माह मुलाकात की संभावना है।

संपादकीय

शिक्षक विधान परिषद चुनाव में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का सक्रिय हस्तक्षेप
यह दर्शाता है कि शिक्षक समाज अब केवल शैक्षणिक दायरे तक सीमित नहीं रहना चाहता,
बल्कि नीति निर्माण में भी निर्णायक भूमिका निभाने को तत्पर है।

स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे राष्ट्रनायकों की जयंती को
कर्तव्य बोध दिवस से जोड़ना संगठन की वैचारिक दृढ़ता को दर्शाता है।
आगरा में माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना
शिक्षकों की वर्षों पुरानी और जायज मांग है।

यदि महासंघ शिक्षक हितों को केंद्र में रखकर चुनावी मैदान में उतरता है,
तो विधान परिषद में शिक्षा और शिक्षक समाज की एक सशक्त, संवेदनशील
और राष्ट्रहितकारी आवाज स्थापित हो सकती है।

डॉ. भानु प्रताप सिंह, संपादक

 

Dr. Bhanu Pratap Singh