नई दिल्ली: देश आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे गौरव और उल्लास के साथ मना रहा है। एक तरफ जहाँ दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भारत अपनी सैन्य ताकत और ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्षों की विकास यात्रा का प्रदर्शन कर रहा है, वहीं दूसरी ओर मथुरा-वृंदावन के सुप्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में महाराज जी ने राष्ट्र प्रेम और बलिदान की ऐसी व्याख्या की है, जिसे सुनकर हर भारतीय की आँखें नम और सीना गर्व से चौड़ा हो जाए।
कर्तव्य पथ पर ‘शौर्य’ का नजारा
समारोह की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) जाकर अमर शहीदों को नमन किया। इसके बाद कर्तव्य पथ पर निकली परेड में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और आत्मनिर्भर सेना की ताकत पूरी दुनिया ने देखी।
प्रेमानंद महाराज का भावुक संदेश: “राष्ट्र प्रेम शरीर से ऊपर है”
गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रेमानंद महाराज ने देशभक्ति की परिभाषा को आध्यात्मिक गहराई दी। उन्होंने कहा ”सच्चा देशभक्त वही है जिसने ‘वंदे मातरम’ कहते हुए फांसी का फंदा चूम लिया। राष्ट्र प्रेम केवल नारों में नहीं, उस भावना में है जो इंसान को अपने प्राणों से ऊपर देश को रखने की प्रेरणा देती है।”
सैनिकों के जज्बे को नमन:
महाराज जी ने भारतीय सैनिकों की तुलना एक अनन्य भक्त से की। उन्होंने कहा कि जैसे भक्त अपने आराध्य को पुष्प अर्पित करता है, वैसे ही हमारे जवान गोलियों की बौछार के बीच अपनी छाती आगे कर ‘प्राणों की पुष्पांजलि’ राष्ट्र को अर्पित करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिसे शरीर, धन और भौतिक सुखों का मोह होता है, वही मृत्यु से डरता है। जो राष्ट्र या ईश्वर को अपना आदर्श मानता है, उसके लिए मृत्यु अंत नहीं बल्कि कर्तव्य की पराकाष्ठा है।
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