गोरखपुर। राजधानी दिल्ली में विरोधी दलों के संगठन ‘INDIA’ गठबंधन द्वारा आयोजित प्रस्तावित प्रदर्शन और मार्च से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। गोरखपुर में समाचार एजेंसियों के साथ बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए आरोप लगाया कि ये दल देश में अव्यवस्था और अराजकता का माहौल बनाकर आम नागरिकों की दिनचर्या को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि विपक्षी नेता भारत के महत्वपूर्ण और निष्पक्ष संवैधानिक निकायों की साख पर भी बेबुनियाद सवाल खड़े करने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के दोहरे रवैये पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह बेहद आश्चर्यजनक है कि जब चुनाव परिणामों में इन्हें सफलता मिलती है, तो यह उसे अपनी व्यक्तिगत क्षमता और रणनीतिक जीत करार देते हैं। इसके विपरीत, जब देश की जनता इन्हें चुनाव में नकार देती है, तो ये अपनी पराजय की जिम्मेदारी लेने के बजाय तुरंत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और भारत निर्वाचन आयोग (EC) जैसी संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करने लगते हैं।
सोमवार को गोरखपुर में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए यूपी के सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस को अपनी भ्रष्ट कार्यप्रणाली और जनता के बीच अविश्वास पैदा करने वाले नेतृत्व को अविलंब बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने सलाह दी कि पार्टी को न तो देश के भीतर अव्यवस्था फैलानी चाहिए और ना ही भारत की निष्पक्ष संवैधानिक संस्थाओं की निष्ठा पर सवाल उठाने की कोशिश करनी चाहिए।
सीएम योगी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि देश के नागरिक इस किस्म की अराजकता को कतई स्वीकार नहीं करेंगे और न ही लंबे समय तक इसे सहन करेंगे। यदि विपक्षी दल इसी राह पर आगे बढ़ते रहे, तो वर्तमान में उनके पास जो थोड़ा-बहुत राजनीतिक वजूद शेष रह गया है, वे उसे भी गंवा बैठेंगे।
दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के उपरांत विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ के घटक दलों के नेताओं ने सोमवार को सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया है। इस व्यापक प्रदर्शन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सहित कई प्रमुख राजनीतिक दल शामिल होकर सुप्रीम कोर्ट की दिशा में पैदल मार्च निकालेंगे। इस विरोध प्रदर्शन को ‘चलो दिल्ली मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ का नाम दिया गया है।
विपक्षी दलों का यह गुट ज्ञानेश कुमार गुप्ता के पद से इस्तीफे, एसआईआर (SIR) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने और भविष्य के सभी चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जाने की प्रमुख मांगे उठा रहा है।
शीर्ष अदालत की ओर प्रस्तावित इस मार्च में शामिल होने के लिए विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं का दोपहर 1:30 बजे कनॉट प्लेस स्थित बाराखंभा रोड जंक्शन पर एकत्र होने का समय तय किया गया है। विपक्षी प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, जिसके तहत जनपथ और मंडी हाउस सहित राजधानी के 6 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को आम यात्रियों के लिए बंद कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, दिल्ली के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल व सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ व्यापक स्तर पर बैरिकेडिंग की गई है।
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