मीडिया फर्म ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड ZEEL ने राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण NCLT से निजी क्षेत्र के कर्जदाता इंडसइंड बैंक की तरफ से कंपनी के खिलाफ दायर दिवालिया अर्जी खारिज करने का अनुरोध किया है।
इंडसइंड बैंक ने एनसीएलटी के समक्ष दायर अपनी अर्जी में ज़ेडईईएल पर 83.06 करोड़ रुपये की कर्ज चूक का आरोप लगाते हुए दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी मांगी है। ऋणशोधन एवं दिवालिया संहिता IBC की धारा सात के तहत कर्ज भुगतान में चूक पर वसूली प्रक्रिया शुरू करने का प्रावधान है।
ज़ी समूह की मीडिया फर्म ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में कहा है कि उसने बैंक की इस याचिका को खारिज करने का एनसीएलटी से अनुरोध किया है। कंपनी ने कहा कि “हमने 21 फरवरी, 2022 को एनसीएलटी की मुंबई पीठ के समक्ष वादकालीन अर्जी लगाकर इंडसइंड बैंक की याचिका खारिज करने की मांग की है।”
ज़ेडईईएल ने दावा किया है कि इंडसइंड बैंक की तरफ से एनसीएलटी में दायर यह याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय के 25 फरवरी और तीन दिसंबर 2021 को जारी आदेशों का उल्लंघन करती है।
ज़ेडईईएल ने गत वर्ष 22 दिसंबर को सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के साथ विलय की घोषणा की थी। इस सौदे के तहत सोनी 1.575 अरब डॉलर का निवेश करेगी और विलय के बाद बनी कंपनी में 52.93 फीसदी हिस्सेदारी रखेगी।
-एजेंसियां
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