लखनऊ। विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों को सम्मानित किया, राज्य स्तरीय दिव्यांग पुरस्कार वितरित किए और विशेष विद्यालयों के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने दिव्यांग विद्यार्थियों से संवाद भी किया और सरकार द्वारा पिछले आठ वर्षों में किए गए सुधार और उपलब्धियों की जानकारी साझा की।
पूर्व की सरकारों में दिव्यांग पेंशन में होता था भ्रष्टाचार
संबोधन के दौरान सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले दिव्यांगजन पेंशन में भारी भ्रष्टाचार होता था। तब उन्हें मात्र 300 रुपये प्रतिमाह मिलता था, जिसमें भी कर्मचारी कटौती कर लेते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच और निर्देश पर दिव्यांग पेंशन को बढ़ाकर 1000 रुपये किया गया और अब यह राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जा रही है, जिससे भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं बची है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार वर्तमान में 11 लाख से अधिक दिव्यांगजन को पेंशन दे रही है।
दिव्यांगजन—नए भारत की शक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की ऋषि परंपरा हमें सिखाती है कि किसी व्यक्ति की शारीरिक बनावट उसकी क्षमता का निर्धारण नहीं करती। उन्होंने दिव्यांगजनों की हिम्मत, प्रतिभा और सफलता को नए भारत की असली ताकत करार दिया। उन्होंने कहा कि विश्वभर में ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां दिव्यांगजनों को अवसर मिलने पर उन्होंने समाज और राष्ट्र के लिए असाधारण योगदान दिया है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार दिव्यांगजनों को सम्मान देने, सक्षम बनाने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सभी से “बैरियर-फ्री इंडिया” के संकल्प को साकार करने में सहभागिता निभाने की अपील की।
30 व्यक्तियों- संस्थाओं को पुरस्कार, 500 दिव्यांगजन को उपकरण
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 30 व्यक्तियों और संस्थाओं को राज्य स्तरीय दिव्यांग पुरस्कार प्रदान किए। इसके अलावा 46 मेधावी दिव्यांग विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और 500 दिव्यांगजनों को आवश्यक उपकरण वितरित किए गए।
कैबिनेट का बड़ा फैसला—सभी 18 मंडलों में खुलेंगे दिव्यांग पुनर्वास केंद्र
विश्व दिव्यांग दिवस के एक दिन पहले मंगलवार को योगी कैबिनेट ने दिव्यांगजनों के लिए बड़ा निर्णय लिया। सरकार ने प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC) खोलने का फैसला मंजूर किया है। वर्तमान में 38 जिलों में ऐसे केंद्र संचालित हो रहे हैं, जिनमें से कुछ संसाधनों की कमी से प्रभावित हैं। अब सरकार पूरे ढांचे को नए सिरे से मजबूत बनाकर संचालित करेगी।
इन नए केंद्रों के खुलने से दिव्यांगजनों को— सर्वे, पहचान व शिविर, सहायक उपकरणों की आपूर्ति, कृत्रिम अंग फिटमेंट, फिजियोथेरेपी व स्पीच थेरेपी, प्रशिक्षण, यूडीआईडी कार्ड और दिव्यांग प्रमाणपत्र, जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर आसानी से उपलब्ध होंगी। इससे उन्हें योजनाओं का लाभ समय पर मिलेगा और पुनर्वास प्रक्रिया और सुदृढ़ होगी।
इस प्रकार विश्व दिव्यांग दिवस पर मुख्यमंत्री योगी का संदेश स्पष्ट रहा—दिव्यांगजन न केवल समाज का अभिन्न अंग हैं, बल्कि नए भारत की शक्ति भी हैं, और सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
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