Agra, Uttar Pradesh, India. आईवीएफ और भ्रूण की दुनिया बड़ी रोचक है। वर्ल्ड आईवीएफ और एम्ब्रियोलॉजी डे (World IVF and Embryology Day) पर लोगों ने इस दुनिया का अहसास किया तो रोमांचित हुए। रेनबो आईवीएफ में वर्ल्ड आईवीएफ डे सेंटर के स्टाफ को प्रोत्साहित कर मनाया गया।
निदेशक एवं वरिष्ठ आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. जयदीप मल्होत्रा (Dr Jaideep Malhotra) ने कहा कि किसी भी संस्थान में सफलता की नींव हमेशा कर्मचारी ही होते हैं। यह साथी होते हैं जो हमारे अनुभवों में हमारे साथ होते हैं।
एंब्रियोलॉजिस्ट डॉ. केशव मल्होत्रा (Dr Keshav Malhotra) ने कहा कि भारत की पहली टेस्ट ट्यूब बेबी लुईस ब्राउन का जन्म 1978 में 25 जुलाई को हुआ था। इसी वजह से हर साल 25 जुलाई के दिन को विश्व आईवीएफ और एंब्रियोलॉजी दिवस के रूप में मनाया जाता है।
डॉ. नीहारिका मल्होत्रा (Dr Neharika Malhotra) ने बताया कि आगरा में मल्होत्रा टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर में उत्तर प्रदेश के पहले आईवीएफ शिशु का जन्म 23 साल पहले हुआ था, जिसका नाम उत्सव है। इसी वजह से रेनबो आईवीएफ इस दिन को उत्सव दिवस के रूप में मनाता है।
रेनबो हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा (Dr Narendra Malhotra) ने बताया कि विश्व आईवीएफ दिवस के मौके पर संस्थान की अत्याधुनिक आईवीएफ लैब और सेंटर की वर्चुअल विजिट भी आम लोगों को कराई गई। फेसबुक लाइव के जरिए लोगों को जोड़ा गया। आम लोगों के लिए यह एक रोचक दुनिया है और वे बडे़ रोमांचित नजर आए।
इस मौके पर सभी डॉक्टरों और स्टाफ को प्रशस्ति पत्र और उपहार भेंट किए गए। डॉ. शैली गुप्ता, डॉ. नीरजा सचदेव, नयनतारा, चांद, उदिता, रवि, भगवान सिंह, अंकित, साधना, रंजीता, ज्योति, ममता आदि मौजूद थे।
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