महिला ने अपने स्वर्गीय बेटों के नाम पर विश्वनाथ धाम को दिया 3 करोड़ का दान, पहचान रखी गुप्त

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वाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर को एक अभूतपूर्व दान प्राप्त हुआ है, जिसने मंदिर के इतिहास में सबसे बड़े व्यक्तिगत दानदाताओं की सूची में एक नया नाम जोड़ दिया है। तमिलनाडु की एक 80 वर्षीय महिला ने अपने दिवंगत पति और दो बेटों की स्मृति में 3 करोड़ रुपये की धनराशि दान की है। इस दान के साथ ही, वह अब मंदिर की सबसे बड़ी दानदाता बन गई हैं।

ईमेल के जरिए रखा प्रस्ताव

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला ने सर्वप्रथम वाराणसी के मंडलायुक्त एस. राजलिंगम को ईमेल भेजकर अपनी इच्छा जाहिर की थी। अपनी पहचान गुप्त रखने की गुजारिश करते हुए, उन्होंने मंडलायुक्त से भेंट का समय मांगा। 12 जुलाई को महिला अपने मैनेजर के साथ वाराणसी पहुँची और मंडलायुक्त को 3 करोड़ रुपये के दो चेक सौंपे। इसमें से 2 करोड़ रुपये की राशि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए और 1 करोड़ रुपये की राशि ‘अन्न क्षेत्र’ के लिए समर्पित की गई है।

​अधिकारियों ने बताया कि महिला ने चेक सौंपने के उपरांत मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन भी किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 25-25 हजार रुपये के पांच अलग चेक भी दिए हैं, जिसके माध्यम से प्रतिवर्ष रुद्राभिषेक का आयोजन किए जाने का आग्रह किया गया है।

अंबानी परिवार के रिकॉर्ड को पछाड़ा

काशी विश्वनाथ मंदिर में दान की यह राशि अब तक की सबसे अधिक बताई जा रही है। इससे पूर्व, 2023 में नीता अंबानी ने 1.51 करोड़ रुपये और उनके पुत्र आकाश अंबानी ने 1 करोड़ रुपये का दान दिया था। इतिहास की बात करें तो 1835 में महाराजा रणजीत सिंह ने मंदिर के स्वर्ण कलश के लिए एक टन सोना दान किया था। वहीं, 2022 में कॉरिडोर निर्माण के उपरांत एक अज्ञात भक्त ने 60 किलोग्राम सोना दान किया था, जिसका उपयोग गर्भगृह और मंदिर के शिखर को स्वर्णमंडित करने में हुआ था।

​महिला के इस समर्पण और दरियादिली की पूरे देश में चर्चा है, जिन्होंने अपने परिवार को खोने के बाद इस दान के माध्यम से उनकी आत्मा की शांति के लिए यह पुनीत कार्य किया है।

Dr. Bhanu Pratap Singh