Agra, Uttar Pradesh, India. ये खबर थोड़ी चौंकाने वाली है। वह इसलिए कि खबर भरतपुर हाउस से है। वही भरतपुर हाउस जहां एक से एक करोड़पति और खरबपति रहते हैं। इसी भरतपुर हाउस में दीपावली की रात्रि में जो कुछ हुआ, वह हैरान करने वाला है। मामला थाना हरीपर्वत तक पहुंच गया। पुलिस आ गई। इसके बाद कुछ लोग भागते नजर आए।
दीपावली की रात्रि में लोग जुआ खेलना अधिकार समझते हैं। कानूनी रूप से जुआ खेलना अपराध है। इसके बाद भी लोग हैं कि मानते नहीं हैं। दीपावली की रात्रि में भरतपुर हाउस के अंदर और बाहर कारें ही कारें दिखाई दीं। आधी रात के बाद तो इतनी कारें हो गईं कि वहां के रहने वाले प्रवेश तक नहीं कर पा रहे थे। बात तब बढ़ी जब सर्वप्रकाश कपूर रात्रि में घर आए। मुख्य प्रवेश द्वार से वे प्रवेश नहीं कर सकें। कारों का जमावड़ा था। जैसे-तैसे अंदर गए तो देखा कि घरों के हर गेट पर कारें थीं। उन्होंने ऐसे तीन घर चिह्नित किए, जहां जुआ हो रहा था। मयखाना बना रखा था। डिस्क जॉकी (Disc jockeyडीजे) पर शोर मच रहा था।
सूत्रों ने बताया कि श्री कपूर ने पहले थाना हरीपर्वत फोन किया। थाने से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्होंने 112 पर फोन कर दिया। पुलिस वाले आए। उन्हें सारी स्थिति से अवगत कराया। यह खबर जुआ खुलने वालों को मिल गई। वे कारें लेकर भागने लगे। श्री कपूर थाना हरीपर्वत पहुंचे। तहरीर दे दी है। पुलिस ने जांच की बात कही है। जुआ खेलने वालों ने पुलिस को बताया कि वे तो सगाई समारोह में आए थे। दीपावली की रात्रि में सगाई समारोह की बात हजम नहीं हुई।
भरतपुर हाउस में ऐसे लोग रहते हैं जिनके पास विपुल धनराशि है। कुछ तो समाजसेवा में व्यय करते हैं लेकिन बहुत से ऐसे हैं जो खर्च नहीं कर पा रहे हैं। विदेश भ्रमण, महँगे होटल, स्पा आदि से जी भर चुका है। इसलिए जुआ खेलते रहते हैं। हार जाएं तो गम नहीं और जीत जाएं तो खुशी नहीं। उन्हें जुआ खेलन में खुशी मिलती है। गेट बंद कॉलोनी होने के कारण किसी की नजर नहीं जाती है। कोई शिकायत नहीं करता है, सो कुछ होता नहीं है। पहली बार पुलिस को आधिकारिक रूप से शिकायत की गई है। अगर सर्वप्रकाश कपूर की कार आसानी से घुस जाती तो शायद वे भी ध्यान नहीं देते।
बता दें कि 2015 में नगर विकास मंत्रालय ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत देश की चुनिंदा 32 रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्लूए) में आगरा की भरतपुर हाउस को चतुर्थ सर्वश्रेष्ठ माना है। इसमें कोई शक नहीं है कि भरतपुर हाउस सबसे साफ सुथरी कॉलोनी है। यहां का पार्क भी शानदार है। प्रवेश और निकास द्वार अलग है। प्रवेश करने वालों से पूरी जानकारी की जाती है। इसके बाद भी कुछ लोग अपनी हरकतों से भरतपुर हाउस को बदनाम करने में लगे हुए हैं।
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