Vitamin D और कैल्शियम की कमी शरीर को कमजोर बनाने के साथ ही मानसिक बीमारियों को भी न्योता देती है। यही वजह है कि इनकी सही मात्रा का शरीर में होना बेहद जरूरी है।
हार्ट, मसल्स और नर्व्स सुचारू रूप से काम करते रहें इसमें कैल्शियम का अहम रोल होता है। चोट लगने पर खून को बहने से रोकने के लिए बॉडी जो क्लॉटिंग करती है, उसके लिए भी शरीर में कैल्शियम की सही मात्रा होना बहुत जरूरी है। वहीं कैल्शियम को बोन्स व अन्य ऑर्गन अब्जॉर्ब कर सकें, इसके लिए Vitamin D की सही मात्रा का शरीर में मौजूद होना आवश्यक है। ऐसा नहीं होने पर कैल्शियम इनटेक वेस्ट हो जाएगा।
Vitamin D की कमी से होने वाले नुकसान
शरीर में Vitamin D की कमी से व्यक्ति के संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है।
दरअसल, विटामिन डी इम्यून सिस्टम को मजबूत होने में मदद करता है। ऐसा नहीं होने पर बीमारियां आसानी से शरीर को चपेट में ले लेती हैं।
– अगर आपको हर वक्त थकान महसूस होती है तो इसका कारण भी विटामिन डी की कमी हो सकती है।
– हड्डियों में कमजोरी या जोड़ों व पीठ में दर्द बने रहना भी विटामिन डी की कमी की ओर इशारा करता है। इन दर्द के कारण व्यक्ति के लिए सामान्य रूप से दिन बिताना मुश्किल हो जाता है इसलिए विटामिन डी की कमी को दूर करना बहुत जरूरी है।
-यह कम ही लोग जानते हैं कि विटामिन डी का हमारी मेंटल हेल्थ पर भी असर पड़ता है। इसकी कमी व्यक्ति को डिप्रेशन की स्थिति में भी ले जा सकती है, खासतौर पर अडल्ट्स में यह समस्या ज्यादा हो सकती है।
कैल्शियम की कमी से होने वाले नुकसान
-कैल्शियम हड्डियों के विकास के लिए अहम है। इस मिनरल की कमी हड्डियों को काफी कमजोर बना देती है जिससे इससे जुड़ी बीमारियां व्यक्ति को अपनी चपेट में लेने लगती हैं।
– डॉक्टर्स ब्लड में मैग्नीशियम, फास्फरस और पोटैशियम की मात्रा को कंट्रोल करने के लिए भी कैल्शियम का सहारा लेते हैं। कैल्शियम की कमी से खून में इनकी मात्रा गड़बड़ा जाती है जो हाई बीपी की समस्या का कारण बन सकता है।
– कैल्शियम की कमी से व्यक्ति को हाइपोकैल्शिमिया हो सकता है। इस बीमारी के होने पर मेमरी लॉस, ऐंठन की समस्या, डिप्रेशन, नाखूनों का कमजोर होना, बार-बार फ्रैक्चर होने की समस्या आती है।
– कैल्शियम की कमी हो तो चोट लगने की स्थिति में खून के बहाव को रोकने में शरीर को दिक्कत आती है। गंभीर चोट की स्थिति में यह स्थिति खतरनाक हो सकती है।
क्या करें कैल्शियम और विटामिन डी की कमी के लिए टेस्ट करवाएं। रिपोर्ट को डॉक्टर को दिखाएं जो आपको इसके लिए सप्लिमेंट देंगे। इसी के साथ खाने में दूध, दही, चीज, जूस, सोया प्रोडक्ट्स आदि को आहार का हिस्सा बनाएं साथ ही में धूप सेंकने जैसी चीजें करें ताकि नेचुरल तरीके से भी विटामिन डी और कैल्शियम की शरीर में पूर्ति की जा सके।
-एजेंसियां
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