वरिष्ठ अधिवक्ता केके वेणुगोपाल भारत के महान्यायवादी के पद पर तीन महीने और बने रहने को लेकर सहमत हो गए हैं। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उनका मौजूदा कार्यकाल 30 जून को समाप्त होना था।
सूत्रों के मुताबिक वेणुगोपाल व्यक्तिगत कारणों की वजह से इस संवैधानिक पद पर बने रहने के इच्छुक नहीं थे लेकिन केंद्र सरकार के अनुरोध के बाद वह तीन महीनों के लिए भारत के शीर्ष कानून अधिकारी के पद पर और बने रहने के लिए सहमत हो गए हैं।
वेणुगोपाल (91) को भारत के राष्ट्रपति द्वारा जुलाई 2017 में देश के महान्यायवादी के पद पर नियुक्त किया गया था। बाद में उन्हें इस पद पर दोबारा नियुक्त किया गया। उन्होंने मुकुल रोहतगी की जगह ली थी।
1979 और 1980 के बीच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल
उच्चतम न्यायालय के प्रख्यात अधिवक्ता वेणुगोपाल ने बड़ी संख्या में संवैधानिक और कॉर्पोरेट कानून के महत्वपूर्ण मुद्दों से जुड़े मामलों में अपनी सेवाएं दी हैं। वह 1979 और 1980 के बीच भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल भी रहे। उन्हें 2002 में पद्म भूषण और 2015 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा चुका है।
-एजेंसियां
- बरेली सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने पद से दिया इस्तीफा, ‘यूजीसी रेगुलेशन 2026’ और ‘प्रयागराज घटना’ पर उठाए सवाल - January 26, 2026
- 77वां गणतंत्र दिवस: प्रेमानंद महाराज ने बताया क्या है असली देशभक्ति, बोले- सैनिक के लिए तिरंगे की रक्षा ही उसकी पुष्पांजलि है - January 26, 2026
- “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” के पथ पर अग्रसर यूपी: मुख्यमंत्री योगी ने दी 77वें गणतंत्र दिवस की बधाई, राष्ट्र नायकों को किया नमन - January 26, 2026