पांच साल से नहीं बनी सड़क, गड्ढे ही गड्ढे, मरम्मत में भी कमीशनखोरी की गई
गेहूं से लदा ट्रॉली समेत ट्रैक्टर पलटा, चालक बाल-बाल बचा, रोज हो रही घटनाएं
एडीए के स्वामित्व में सड़क, लोनिवि को हस्तांतरण की फाइल प्रमुख सचिव ने दबाई
डॉ. भानु प्रताप सिंह
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Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat. जयपुर हाईवे को जोड़ने वाले वायु विहार रोड के बारे में पिछले पांच वर्ष से लिखा जा रहा है। बहुत हल्ला मचा तो गड्ढे भर दिए गए। गड्ढे भरने के काम में भी कमीशनखोरी हुई। परिणाम यह हुआ कि कुछ दिन बाद ही फिर से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए। वायु विहार मार्ग का उपयोग स्थानीय लोगों के साथ जयपुर जाने और आने वाले पर्यटक भी करते हैं। आए दिन वाहन पलटते रहते हैं। जिस दिन इस मार्ग से मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष निकल जाएंगे तो अगले दिन ही नई बन जाएगी। इन अफसरों को रोज इस सड़क से निकलना नहीं है इसलिए कुछ होना भी नहीं है। इसी मार्ग पर कई मैरिज होम हैं। विवाह के मौसम में सबकी मिट्टी पलीद हो जाती है।
अब बात करते हैं नेताओं की। नेताओं के पास करोड़ों रुपये हर साल सांसद और विधायक निधि में मिलते हैं। न जाने यह धनराशि कहां खपाई जा रही है। वायु विहार रोड का नम्बर ही नहीं आ रहा है। मीडिया वाले ही नहीं, सोशल मीडिया वाले भी इस सड़क के गड्ढों को कई बार लाइव दिखा चुके हैं। लगता है जिम्मेदार लोगों ने कान में रुई ठूंस रखी है। चिल्लाते रहो, हम नहीं सुनेंगे।
इसका परिणाम 30 मार्च, 2024 की सुबह देखना को मिला। वायु विहार रोड पर बड़ी दुर्घटना होते-होते बची। गेहूं से भरी हुई ट्रैक्टर और ट्रॉली पलट गई। ट्रैक्टर ड्राइवर बाल बाल बचा है। सामान्यतः यह देखा जाता है कि ट्रॉली ही पलटती है, ट्रैक्टर नहीं। 100 फुटा वायु विहार रोड पर इतने बड़े-बड़े गड्ढे हैं कि ट्रैक्टर का बोनट टूट गया, जिससे वह पलट गया। ड्राइवर बड़ी मुश्किल से बच पाया है।
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इस खराब रोड की कोई सुध लेने वाला नहीं हैं। दिन प्रतिदिन वाहन पलटने की घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय निवासी एवं अंतर्राज्यीय यात्रियों के साथ ही विदेश यात्री में बहुत परेशान हैं। इस सड़क पर अभी एडीए का स्वामित्व है। इस सड़क का एडीए से पीडब्ल्यूडी में हस्तांतरण की कार्यवाही गतिमान है।
विजयपाल सिंह नरवार के नेतृत्व में स्थानीय लोग कुछ दिनों पूर्व मंडलायुक्त से मिले थे। उन्होंने इस सड़क को जल्द बनवाने की मांग की थी। मंडलायुक्त ने इस मांग संबंधी पत्र पीडब्ल्यूडी को भेज दिया। विजयपाल सिंह नरवार की शिकायत पर मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी ने अवगत कराया है कि सड़क हस्तांतरण की फाइल 6 नवम्बर, 2023 से प्रमुख सचिव लोक निर्माण अनुभाग (प्रथम) लखनऊ के कार्यालय में लंबित है। इस पर अभी कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
इस आधार पर विजयपाल सिंह नरवार ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण अनुभाग (प्रथम) की शिकायत मुख्यमंत्री से की है। उन्होंने कहा है कि पांच महीने से अधिक समय से प्रमुख सचिव सड़क हस्तांतरण की फाइल को दबाए बैठे हुए हैं। अतिशीघ्र कार्यवाही की जाए, जिससे इस सड़क का निर्माण शीघ्र हो सके। स्थानीय जनों में इस सड़क को लेकर आक्रोश है।
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