दिल्ली, 04 फ़रवरी: केंद्रीय बजट 2025-26 ने भारत के ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यह बजट न केवल ऊर्जा परिवर्तन को गति देगा बल्कि 2070 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक ठोस आधार भी प्रदान करेगा। स्वच्छ ऊर्जा और तकनीकी उत्पादन को बढ़ावा देने की इन घोषणाओं से भारत की नवीकरणीय ऊर्जापुरीपुरी क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।
मेक इन इंडिया के तहत स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा
बजट में सौर पीवी सेल, ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लिए इलेक्ट्रोलाइज़र और ग्रिड-स्केल बैटरियों के निर्माण के लिए ‘मेक इन इंडिया’ इकोसिस्टम के सृजन पर जोर दिया गया है हिंदुस्तान पावर के चेयरमैन रतुल पुरी ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा, “सरकार की यह नीति भारत को नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी और इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। बिजली वितरण सुधारों के लिए प्रोत्साहन से वितरण कंपनियों की कार्यक्षमता में भी सुधार होगा और उनके घाटे में कमी आएगी।”
परमाणु ऊर्जा में विस्तार और खनन क्षेत्र में सुधार
भारत ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के माध्यम से 2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस बारे में पुरी ने कहा, “यह कदम भारत के ऊर्जा मिश्रण में विविधता लाने और हरित ऊर्जा संक्रमण को तेज करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे भारत के औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।”
खनन क्षेत्र में सुधार के तहत सर्वोत्तम प्रथाओं (Best Practices) को साझा करने को प्रोत्साहन और राज्य खनन सूचकांक की स्थापना से संसाधनों के प्रभावी उपयोग में मदद मिलेगी। साथ ही, सार्वजनिक – निजी भागीदारी परियोजनाओं के लिए तीन साल की पाइपलाइन भारत के बुनियादी ढांचे के विकास को गति देगी और नवाचार को बढ़ावा देगी।
आर्थिक सुधार और उपभोक्ता सशक्तिकरण
आयकर स्लैब में संशोधन से अधिक बचत और उपभोक्ता खर्च को बढ़ावा मिलेगा, जिससे आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी। पुरी ने इस बदलाव को प्रगतिशील कदम बताते हुए कहा, “यह मध्यम वर्ग के लिए राहत लेकर आएगा और आर्थिक वृद्धि को सुदृढ़ करेगा। बजट की यह पहल आर्थिक सशक्तिकरण और समावेशी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
दीर्घकालिक स्थिरता और समावेशी विकास
यह बजट स्वच्छ ऊर्जा, औद्योगिक विकास और आर्थिक सुधारों के संतुलन को दर्शाता है। इसकी दूरदर्शी नीतियां न केवल जलवायु लक्ष्यों को साकार करेंगी बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती प्रदान करेंगी। पुरी ने कहा, “यह बजट भारत के लिए एक हरित, स्वच्छ और स्थायी भविष्य की ओर अग्रसर होने का महत्वपूर्ण संकेतक है। हिंदुस्तान पावर इस परिवर्तन में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
लेखक: रतुल पुरी
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