आगरा: हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की सांसद और प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत से जुड़े एक मामले में एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में सुनवाई टल गई है। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) अनुज कुमार सिंह की अदालत में इस मामले पर आज बहस नहीं हो सकी।
रिवीजन याचिका के निस्तारण तक बहस रोकने की मांग
वादी ‘राजीव गांधी बार एसोसिएशन’ के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने अदालत में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इसमें अवगत कराया गया कि स्पेशल कोर्ट द्वारा गत 4 अगस्त 2026 को उनके प्रार्थना पत्र को निरस्त करने के आदेश के खिलाफ जिला जज की अदालत में एक रिवीजन याचिका (Revision Petition) दायर की गई है, जिसमें सुनवाई के लिए 23 सितंबर 2026 की तिथि नियत है। इसे आधार बनाते हुए वादी पक्ष ने अनुरोध किया कि जब तक जिला जज की अदालत में रिवीजन का निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक स्पेशल कोर्ट में इस मामले पर बहस न सुनी जाए और इसके लिए कोई अग्रिम तारीख मुकर्रर की जाए।
कोर्ट ने स्वीकार किया प्रार्थना पत्र
स्पेशल कोर्ट के जज अनुज कुमार सिंह ने वादी के इस प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 अक्टूबर 2026 की तिथि तय कर दी है।
वादी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुखवीर सिंह चौहान और राजवीर सिंह ने अदालत में तर्क देते हुए बताया कि न्यायालय द्वारा गत 4 अगस्त 2026 को उस प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया गया था, जो उन्होंने 6 जून 2026 को प्रस्तुत किया था। उस अर्जी में यह मांग की गई थी कि सीआरपीसी की धारा 225(1) के प्रावधानों का कड़ाई से पालन किया जाए और स्पेशल सेशन जज (एमपी-एमएलए) के 12 नवंबर 2025 के आदेश का अनुपालन करते हुए कंगना रनौत को अदालत में तलब किया जाए। साथ ही यह भी आग्रह किया गया था कि या तो उनका बयान व्यक्तिगत रूप से दर्ज किया जाए अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उनका बयान लिया जाए। हालांकि, स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश अनुज कुमार सिंह ने उस वक्त वादी के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया था।
जिला जज की अदालत में चल रही है प्रक्रिया
निचले कोर्ट के इसी आदेश से क्षुब्ध होकर वादी पक्ष ने जिला जज की अदालत में रिवीजन दायर की है। आज की सुनवाई के दौरान कंगना रनौत की ओर से अधिवक्ता अनुसूया चौधरी की जूनियर अधिवक्ता सुधा प्रधान ने भी अदालत के समक्ष अपने तर्क प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्पेशल कोर्ट ने वादी का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए आगामी 7 अक्टूबर को अगली सुनवाई का आदेश दिया है।
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