लोकसभा चुनाव के बीच दिल्ली प्रदेश कांग्रेस में घमासान तेज हो गया है। अरविंदर सिंह लवली के प्रदेश अध्यक्ष से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस को एक बार फिर झटका लगा है। कांग्रेस के दो पूर्व विधायकों नीरज बसोया और नसीब सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले कांग्रेस की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने पद से इस्तीफा दे दिया था।
दोनों पूर्व विधायकों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अलग-अलग पत्र लिखे। उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच गठबंधन पर नाराजगी जताई और इस्तीफे के लिए गठबंधन को ही जिम्मेदार ठहराया।
बसोया ने अपने पत्र में कहा कि मैं विनम्रतापूर्वक कहना चाहता हूं कि यह गठबंधन दिल्ली कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के लिए बदनामी और शर्मिंदगी का सबब बन रहा है और मेरा मानना है कि एक स्वाभिमानी पार्टी नेता के तौर पर मैं पार्टी के साथ अब और जुड़ा नहीं रह सकता। इससे पहले अरविंदर सिंह लवली ने भी दिल्ली पार्टी प्रमुख के पद से इस्तीफा देने का यही कारण बताया था। लवली ने कहा था कि दिल्ली कांग्रेस के कई नेता इस पक्ष में नहीं हैं कि आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन हो।
कांग्रेस ने पूर्व विधायक देवेंद्र यादव को मंगलवार को अपनी दिल्ली इकाई का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया। अरविंदर सिंह लवली के प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद यादव की नियुक्ति की गई है। पूर्व विधायक यादव मौजूदा समय में पंजाब के प्रभारी भी हैं।
अरविंदर सिंह लवली के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद दो पूर्व विधायकों के इस्तीफे से प्रदेश कांग्रेस दो गुटों में बंटी नजर आ रही है। पार्टी का एक गुट लवली के साथ खड़ा दिख रहा है तो वहीं दूसरा गुट लवली के इस फैसले को पार्टी हित के खिलाफ बताते हुए निष्कासित करने की मांग की है। लोकसभा चुनाव के बीच में ही दो पूर्व विधायकों के इस्तीफे से नया संकट खड़ा हो गया है।
-एजेंसी
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