बदलते मौसम के कारण इन दिनों कई लोग गले में दर्द की शिकायत करते दिख रहे हैं। आमतौर पर गले और फिर कानों में होने वाले दर्द को जुखाम से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन बेहतर होगा कि गले में दर्द बढ़ने पर घरेलू नुस्खे या खुद से कोई दवा लेने की जगह आप सीधे डॉक्टर से संपर्क करें।
ऐसा इसलिए क्योंकि गले का यह दर्द टॉन्सिलाइटिस का शुरुआती लक्षण भी हो सकता है। समय पर इलाज नहीं लेने पर आपको बहुत अधिक दर्द के साथ ही बुखार आदि जैसी अन्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है।
क्या है टॉन्सिलाइटिस
हमारे गले के दोनों ओर ओवल शेप के अंग हैं जिन्हें टॉन्सिल्स कहा जाता है। किसी प्रकार के बैक्टीरिया या इंफेक्शन के संपर्क में आने पर इनमें सूजन आना व जलन होना शुरू हो जाती है। आमतौर पर इनका रंग हमारी जीभ जैसा ही होता है लेकिन इंफेक्शन होने पर यह सुर्ख लाल हो जाते हैं और इन पर सफेद स्पॉट दिखाई देने लगते हैं। टॉन्सिल्स में सूजन भी जा जाती है जिससे खाने व पीने के साथ ही सलाइवा निगलने में दिक्कत होने लगती है। डॉक्टरों के मुताबिक टॉन्सिलाइटिस आपके शरीर का इस ओर पहला इशारा होता है कि आप संक्रमण के संपर्क में आए हैं।
इसके लक्षण
गले में दर्द और खराश
निगलने में दिक्कत होना
आवाज प्रभावित होना
गले से लेकर कानों तक दर्द होना
गले में दर्द के साथ सिरदर्द होना
टॉन्सिल्स में दर्द होना व गला सूज जाना
बुखार आना
गर्दन में दर्द व अकड़न
छोटे बच्चों में इसके कारण पेट में दर्द जैसे लक्षण भी होते हैं
टॉन्सिल की तकलीफ से बचना है तो न करें ये गलतियां
डॉक्टर को कब दिखाएं
आमतौर पर टॉन्सिल्स में हुआ इंफेक्शन अपने आप ठीक होने लगता है लेकिन अगर दर्द व अन्य लक्षण तीन दिन से ज्यादा बने रहें तो बेहतर होगा कि आप तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। ऐसा नहीं करने पर यह टॉन्सिलाइटिस से होने वाली परेशानी बढ़ने के साथ ही इंफेक्शन भी बढ़ जाएगा। टॉन्सिलाइटिस के दौरान किसी प्रकार की खटास व ज्यादा मिर्ची और मसाले वाला खाना खाने से बचें। हल्के गर्म पानी में नमक मिलाकर गरारे करें, इससे आपको राहत महसूस होगी।
बचाव
मुंह के जरिए बैक्टीरिया के एंटर होने पर आपका इम्यून सिस्टम अलर्ट हो जाता है और पहले डिफेंस के रूप में टॉन्सिल्स में परेशानी होना शुरू हो जाती है। इस स्थिति से बचने के लिए साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। बिना हाथ धोएं कुछ न खाएं। साथ ही बाहर का खाना खाने से बचें।
डॉक्टरों के मुताबिक गले को ज्यादा ठंड व गर्मी या तापमान में अचानक होने वाले बदलाव से भी बचाना चाहिए। टॉन्सिल्स आसपास के वातावरण के प्रति संवेदनशील होते हैं ऐसे में ऐसी से बाहर गर्मी में जाने पर भी उन पर बुरा प्रभाव पड़ता है और दर्द होना शुरू हो जाता है। ज्यादा ठंडा या गर्म पानी पीना भी इन्हें प्रभावित कर सकता है। आपके आसपास यदि किसी को सर्दी या खांसी है तो उससे भी बचकर रहें। यह इंफेक्शन आपको भी लग सकता है।
-एजेंसियां
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