लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने सोमवार को अपने कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर पुलिस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उपलब्धियों का ब्यौरा पेश किया। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति भविष्य में भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगी।
मिशन शक्ति और महिला सुरक्षा को प्राथमिकता
डीजीपी ने बताया कि ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि पिछले एक साल में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में 9.5% से 33% तक की कमी दर्ज की गई है। इसके अलावा, पुलिसकर्मियों को इस विषय पर विशेष प्रशिक्षण और संवेदनशीलता का पाठ पढ़ाया गया है।
साइबर अपराध और हाईटेक पुलिसिंग
साइबर ठगी को बड़ी चुनौती मानते हुए डीजीपी ने कहा कि यूपी पुलिस अब ‘एआई’ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित तकनीकों का उपयोग कर रही है। अब तक साइबर ठगी के 450 करोड़ रुपये होल्ड कराए गए हैं, जो देशभर में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने घोषणा की कि पुलिस मुख्यालय में जल्द ही एक ‘एडवांस साइबर सिक्योरिटी सेंटर’ स्थापित किया जाएगा और 62 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है।
पुलिस कल्याण और आधुनिक व्यवस्था
डीजीपी ने बताया कि पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए कई कदम उठाए गए हैं जिसमें शहीद और ड्यूटी के दौरान मृत पुलिसकर्मियों के परिवारों को 137 करोड़ रुपये की सहायता। 51 हजार पुलिसकर्मियों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा। नए आपराधिक कानूनों को लागू करने के लिए ई-समन व्यवस्था को मजबूत करना, जिससे अब 90% मामलों में समन सीधे डिजिटल माध्यम से थानों तक पहुँच रहे हैं।
संगठित अपराध पर प्रहार
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि संगठित अपराध और उनसे जुड़े ‘सफेदपोश’ अपराधियों के खिलाफ अब और अधिक कठोर कार्रवाई की जाएगी। माफिया नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए विशेष रणनीतियां बनाई गई हैं। आतंकवाद के बढ़ते खतरे पर उन्होंने कहा कि एटीएस और एसटीएफ पूरी तरह सतर्क है और हाल ही में 13 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।
दुर्घटनाओं में कमी और भविष्य की राह
यातायात प्रबंधन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 573 ‘क्रैश कंट्रोल टीमें’ गठित करने से सड़क दुर्घटनाओं में 7.5% और मौतों की दर में 11.5% की कमी आई है। जल्द ही इस व्यवस्था को राज्य के सभी थानों में लागू किया जाएगा। अंत में, गाजीपुर की घटना पर डीजीपी ने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी पुलिसकर्मी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
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