New Delhi, Capital of India. स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स के बाद अब सरकार 50 वर्ष से अधिक आयु वाले तीसरे वर्ग के लिए अगले महीने से कोविड टीकाकरण अभियान शुरू करेगी। स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि केंद्र सरकार ने 16 जनवरी से स्वास्थ्य कर्मियों को कोविड टीका लगाने का अभियान शुरू किया था और दो फरवरी से कोरोना नियंत्रण के लिए अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं के दूसरे वर्ग को टीका लगाने का कार्य शुरू किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस समय 18 टीकों का विकास विभिन्न चरणों में है और इन्हें शीघ्र ही इस्तेमाल में लाना शुरू किया जाएगा। 50 वर्ष से अधिक आयु वाले तीसरे वर्ग के वैक्सीन के लिए क्या व्यवस्था की गई है, इस बारे में आरएमएल अस्पताल के डॉ. ए. के. वार्ष्णेय अहम जानकारी दी।
अब नम्बर तीसरे वर्ग का
सरकार ने पहले ही प्लान बना लिया था कि सबसे पहले हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन लगेगी, जिनकी संख्या करीब एक करोड़ है। उनके बाद फ्रंट लाइन वर्कर्स, जो करीब दो करोड़ हैं और उनके बाद 27 करोड़ ऐसे लोग हैं, जो 50 साल से ऊपर हैं या कोमोरबिडिटी से ग्रसित हैं। अब उन्हें प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन दी जाएगी। पहले दो का टीकाकरण अब पूरा होने की कगार पर है, अगला नंबर तीसरे वर्ग का ही है।
कोविन ऐप पर रजिस्ट्रेशन कैसे कर सकते हैं?
जल्द ही सरकार इसकी प्रक्रिया शुरू करेगी। सभी को कोविन ऐप पर रजिस्ट्रेशन करना होगा, ये आरोग्य सेतु ऐप से कनेक्ट होगा। लोगों को पहले इस पर आईडी प्रूफ अपलोड (upload)करना होगा, जिसके बाद मैसेज आएगा कि व्यक्ति किस इलाके में रहता है और उसके बाद ही निकटतम केंद्र पर जाने की तारीख बताई जाएगी। हालांकि अभी इस पर काम चल रहा है कि व्यक्ति अपने पास के सेंटर स्वयं चुन सके। परेशान न हों हर चीज के बारे में सरकार प्रचार प्रसार करेगी।
क्या वैक्सीन लगने के बाद लोगों को सर्टिफिकेट भी मिलेगा?
जी हां, टीका लगने के बाद लोगों को एक सर्टिफिकेट भी मिलेगा। इसका यह लाभ होगा कि अगर किसी को विदेश यात्रा करनी हैं, तो उन्हें वे उस सर्टिफिकेट का प्रयोग कर सकेंगे। कहीं जाने आने में परेशानी नहीं होगी। साथ ही लोगों के पास भी एक डाटा होगा की उन्हें वैक्सीन लग चुकी है।
अगर कोई कोविड से ठीक हो गया है तो क्या उसे भी वैक्सीन लगवानी चाहिए?
अगर किसी को कोविड हुआ है, तो उसे तुरंत वैक्सीन नहीं लगवानी है। हां, जो लोग कोविड से ठीक हो चुके हैं उनमें एंटीबॉडी बन चुके होते हैं। हालांकि कई लोगों में नहीं भी बनते हैं। इसलिए कोविड से ठीक होने के बाद भी वैक्सीन लगवानी चाहिए। अगर पहले से एंटीबॉडी होंगे तो वैक्सीन उनके लिए बूस्टर का काम करेगी।
कोविड वैक्सीन की दो डोज के बीच कितने दिन का अंतर होना चाहिए?
वैक्सीन की कुल 6 हफ्ते की प्रक्रिया है। पहली डोज लगवाने के 28 दिन बाद दूसरी डोज लगती है, यानी 4 हफ्ते बाद दूसरी डोज लगती है। लेकिन ऐसा नहीं है कि दूसरी डोज लगते ही एंटीबॉडी बन जाएंगे। दूसरी डोज के बाद दो और हफ्ते लगते हैं, तब जाकर पर्याप्त मात्रा में एंटीबॉडी बन पाते हैं।
- Parhaat nettikasinot 2026: Luotettavuus ja bonusten arviointi - June 16, 2026
- Past Win Records and Big Payouts in Big Bass Bonanza Machine for United Kingdom - June 16, 2026
- Gioca dal vivo e vinci subito in Italia su Golisimo Casino - June 15, 2026