
लखनऊ। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। सवर्ण समाज के लोगों ने इन नियमों को ‘भेदभावपूर्ण’ बताते हुए परिवर्तन चौक पर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि केंद्र सरकार और UGC इन नए कानूनों को तुरंत वापस ले।
छावनी में तब्दील हुआ परिवर्तन चौक
सवर्ण मोर्चा के इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए लखनऊ पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। भारी संख्या में पुलिस बल के साथ-साथ RAF (Rapid Action Force) की टुकड़ियों को भी तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नए नियमों में सामान्य वर्ग (General Category) की अनदेखी की गई है, जो न्यायसंगत नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही लगाई है रोक
गौरतलब है कि यह विवाद पहले ही सुप्रीम कोर्ट पहुँच चुका है। शीर्ष अदालत ने इन नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगाते हुए इन्हें ‘अस्पष्ट’ और ‘समाज को विभाजित करने वाला’ बताया है। कोर्ट ने अनुच्छेद 142 का उपयोग करते हुए 2023 के नए नियमों के स्थान पर 2012 के पुराने विनियमों को बहाल कर दिया है।
क्या है मुख्य विवाद?
याचिकाओं में इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई गई है कि UGC के नए नियमों में जाति-आधारित भेदभाव की परिभाषा को केवल SC, ST और OBC तक ही सीमित रखा गया है। सवर्ण समाज का तर्क है कि ‘जातिगत भेदभाव’ की सुरक्षा से सामान्य वर्ग को बाहर रखना संविधान के समानता के अधिकार का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और UGC से 19 मार्च तक जवाब मांगा है।
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