संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा आगरा के समक्ष सांकेतिक धरना 22 मार्च से
Mathura, Uttar Pradesh, India. आगरा में यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की आवश्यकता, औचित्य, प्रयास एवं सुझाव विषय पर एक परिचर्चा प्रेम देवी अग्रवाल गर्ल्स इण्टर कॉलेज मथुरा में आयोजित की गई। शिक्षक नेता अयोध्याप्रसाद अग्रवाल ने की। तय किया गया कि यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना के लिए सड़क पर आकर संघर्ष किया जाएगा।
21 वर्षों से निरंतर संघर्ष कर रहे संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं संयोजक डॉ. देवी सिंह नरवार ने बताया कि बोर्ड का क्षेत्रीय कार्यालय आगरा का हक है और आगरा में आवश्यकता भी है । तीन बार शासन को प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद सरकार ने अभी तक क्षेत्रीय कार्यालय नहीं खोला है। इसलिए अब हमें संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इसके लिए 22 मार्च से 25 मार्च तक संयुक्त निदेशक कार्यालय आगरा के समक्ष सांकेतिक धरना दिया जाएगा। इसके बाद जनसम्पर्क और जन जागरण अभियान चलाया जाएगा ।

उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद मथुरा के जिलाध्यक्ष डॉ. मनवीर सिंह ने आश्वस्त किया कि मथुरा जनपद से धरने के लिए अधिक से अधिक संख्या में शिक्षक और प्रधानाचार्य प्रतिभाग करेंगे। उत्तर प्रदेश अनुसूचित एवं पिछड़ी जाति शिक्षक संघ की प्रदेश संयोजक रूमा देवी ने कहा कि इस आंदोलन में दलीय सीमाओं से हटकर एकजुट होकर संघर्ष किया जाएगा। संघर्ष समिति के कोऑर्डिनेटर सत्यवीर सिंह रावत ने बताया कि अभिभावकों को साथ लेकर आंदोलन को सफल बनाया जाएगा ।
डॉ. देव प्रकाश ( प्रधानाचार्य – प्रेम महाविद्यालय इण्टर कॉलेज) ने संचालन किया। कार्यवाहक प्रधानाचार्य डॉ. अलका दीप ने ने संचालन किया। शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के जिला उपाध्यक्ष डॉ सतेंद्र चौधरी का विशेष सहयोग रहा।

परिचर्चा में माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र उपाध्याय, पूर्व अध्यक्ष संजय पचौरी, ठकुराई गुट के जिलाध्यक्ष सत्यवीर सिंह, जिला मंत्री उपकार गुप्ता, प्रधानाचार्य परिषद के जिला मंत्री चंद्रभान यादव, डॉ. विमल यादव, जोगेंद्र सिंह, डॉ. राम बहादुर सिंह भदौरिया, सोहन झा, डॉ. प्रियंका सिंह, राजेश्वरी यादव, वृषभान गोस्वामी, पंकज सिंह, डॉ. मनोज सिंह, नीतू सिंह, अमर दीप श्रीवास्तव, मनोज कुमार, निनुआ राम, हेमंत कुमार, धर्मवीर सिंह, सुनील कुमार, सुरेश लवानिया, भारती गोस्वामी, पिंकी चौधरी, सीमा शर्मा, हिमांशु उपाध्याय, लवली सारस्वत, दीपाली कुलश्रेष्ठ, शिव कुमार यादव आदि ने विचार व्यक्त किये।
- किताबों के नाम पर ‘कमीशन का खेल’ — अभिभावकों का फूटा गुस्सा, पापा संस्था का बड़ा धमाका - March 22, 2026
- Mashhur qimorbozlarning sirli dunyosi Pin up casino bilan kashf eting - March 21, 2026
- Sort of Insurance policies - March 17, 2026