आगरा: साल में 365 दिन ताजमहल को कृत्रिम रोशनी में रात 10 बजे तक खोला जाए। रात में पर्यटक ताजमहल में घूमें और शहर में रात गुजारें। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यह प्रस्ताव सोमवार को जिला पर्यटन एवं सांस्कृतिक समिति की बैठक में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल ने रखा। राज्य सरकार के माध्यम से इसे केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय को भेजा जाएगा।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने बताया कि ताजमहल रात में खुलेगा तो शहर में नाइट कल्चर बढ़ेगा। पर्यटकों के रात्रि प्रवास से शहर के होटल उद्योग को लाभ होगा। ताजमहल के आसपास कृत्रिम रोशनी की व्यवस्था होनी चाहिए। इस तरह की लाइट्स आ गई हैं जिनसे कीट-पतंगे नहीं आते। पिछले सप्ताह एक प्रतिनिधिमंडल इस संबंध में केंद्रीय पर्यटन मंत्री किशन रेड्डी से मिला था। उनके नेतृत्व में अधिकारियों का एक दल अध्ययन के लिए आगरा आएगा।
राज्यमंत्री ने यमुना नदी पर बैराज बनाने, महताब के आसपास सुंदरीकरण कराने और रामबाग से बल्केश्वर होते हुए दयालबाग तक यमुना किनारे रिवर फ्रंट विकसित करने का सुझाव भी दिया है। उन्होंने कहा कि बैराज अपर स्ट्रीम में बने या ड्राउन स्ट्रीम में इसका निर्णय जल विशेषज्ञ करेंगे। बैठक में भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, डॉ. धर्मपाल सिंह, छोटेलाल वर्मा, एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह व पर्यटन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
मलयेशिया की तर्ज पर बने नाइट सफारी
ताजमहल के पीछे नगला पैमा गांव में वन विभाग की भूमि पर बिलायती बबूल का घना जंगल है। राज्यमंत्री बघेल ने कहा कि वन एवं वन्य जीव विभाग के सहयोग से इस क्षेत्र में 100 एकड़ की नाइट सफारी विकसित की जा सकती है। जहां वन्य जंतुओं को भी रखा जा सकता है। मलयेशिया में इस तरह की नाइट सफारी हैं। उसी तर्ज पर ताजमहल के पीछे आगरा में भी नाइट सफारी विकसित हो सकती है।
सीकरी में भी हों ताज महोत्सव
फरवरी 2023 में आयोजित होने वाले ताज महोत्सव के कार्यक्रमों को फतेहपुर सीकरी में भी कराए जाने का सुझाव केंद्रीय राज्यमंत्री ने पर्यटन समिति को दिया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पर्यटन को इस तरह के आयोजनों से लाभ होगा।
साउंड शो से रीझेंगे पर्यटक
ताजमहल के अलावा कृत्रिम रोशनी में आगरा किला, सिकंदरा, फतेहपुर सीकरी व एत्माउद्दौला में भी रात 10 बजे तक पर्यटक भ्रमण कर सकेंगे। इसमें पालीवाल पार्क भी शामिल होगा। इन स्मारकों में पर्यटकों को रिझाने के लिए लाइट एंड साउंड शो आयोजित किए जाएं। प्रो. बघेल ने बताया कि बटेश्वर, शौरीपुर को इको-टूरिज्म और फतेहपुर सीकरी के गांव सहनपुर में हवेली वाले हनुमान मंदिर, कैलाश मंदिर, फतेहाबाद के मेवली खुर्द और ग्राम मुदगलपुरा में धार्मिक पर्यटन के प्रस्ताव भी शासन से स्वीकृत हो चुके हैं।
- नोएडा मजदूर विरोध प्रदर्शन के 5 महीने बाद भी जेल में कई युवा: 20-29 साल के युवाओं की जिंदगी थमी, परिवारों पर बढ़ता भारी कर्ज! - October 5, 2026
- पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास के लिए सामाजिक उद्यमी नीतू जोशी सम्मानित: जयपुर में मिला प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय हरित गौरव पुरस्कार’ - October 5, 2026
- प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन की अनूठी पहल: महाराष्ट्र में ‘महा r-PET अभियान’ का विस्तार, अब पुरानी बोतलों से बनेंगी उपयोगी वस्तुएं - October 5, 2026