Mathura (Uttar Pradesh, India)। मथुरा। डीजल और पैट्रोल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि के विरोध में बुधवार को छात्र सड़कों पर उतर आये। छात्रों ने रिक्शा खींच कर सरकार पर अपना विरोध दर्ज कराया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के जिलाध्यक्ष शशुपाल चौधरी ने कहाकि पैट्रोल डीजल की कीमतों में पिछले 15 दिनों से लगातार वृद्धि हो रही है इस मूल्य वृद्धि के चलते डीजल जो कि हमेशा पैट्रोल की कीमतों के मुकाबले 10 से 15 रूपये प्रति लीटर सस्ता होता था आज उस डीजल की कीमतें पैट्रोल की कीमतों के बराबर आ गई हैं। इस मूल्य वृद्धि का एनएसयूआई विरोध करती है। सरकार अधिक से अधिक लाभ कमाने के लिए जनता पर अतिरिक्त कर लगा रही है। यह एक ऐसा कर है जो सीधा नहीं लगता लेकिन भरना आम आमदी को ही पडता है। कुटिल सरकारें हीं इस तरह के फैसले लेती हैं। जनविरोधी सरकार के खिलाफ छात्र आंदोलन जारी रहेगा।
चार पहिया वाहन और रिक्शा खींचकर केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन किया
विरोध में छात्रों के साथ कांग्रेस के दूसरे नेता भी शामिल हुए। बीएसए कॉलेज रोड पर चार पहिया वाहन और रिक्शा खींचकर केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन किया। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर उपाध्याय ने कहाकि इस मूल्य वृद्धि के परिणाम स्वरुप माल भाड़ों में वृद्धि होगी और डीजल वाहनों का उत्पादन प्रभावित होगा। सरकार इस नीति से एक तरफ तो मालभाड़ों की वृद्धि से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि होगी दूसरी ओर वाहन निर्माता कम्पनियां जो डीजल वाहन का निर्माण करती हैं उनका उत्पादन काफी घट जायेगा, जिसके चलते वे कंपनियां कामगारों की छटनी करने के लिये बाध्य होंगी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपक चौधरी ने बताया कि इन दोनों स्थितियों में पैट्रोल डीजल की बढ़ी हुई कीमतों के फलस्वरूप आम नागरिकों और श्रमिकों को पिसना पड़ेगा ये स्थिति काफी दुखद है। केंद्र सरकार ने ये वृद्धि् उस समय की है जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सस्ते तेल के मूल्यों में भारी कमी थी। तब उत्पादन शुल्क में भारी बढ़ोतरी की थी और राज्य सरकारों ने वेट की दरों को बढ़ाया था अब जब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सस्ते तेल की कीमतें बढ़ रही हैं तब वे पैट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी कर रही है।
देश की जनता सरकार और तेल कंपनियों के खेल में पिस रही है
सरकार इन पदार्थों की मूल्य वृद्धि को रोकने के लिये कुछ भी नहीं कर रही है। पहले उसने अपना खजाना भरा और अब तेल कंपनियां अपना खजाना भर रही हैं और देश की जनता बनकर सरकार और तेल कंपनियों के खेल में पिस रही है। विरोध प्रदर्शन में प्रदेश महासचिव एनएसयूआई प्रवीण ठाकुर , विक्रम बाल्मीकि, शालू अग्रवाल, चौधरी तिलकवीर सिंह पार्षद, राहुल अरोरा, राजबहादुर प्रधान, कशन रिजवी, महानगर अध्यक्ष एनएसयूआई सोमिल कुलश्रेष्ठ, प्रवीण भास्कर, अजय मेहरा, शैलेंद्र चौधरी, कपिल यादव, सुधांशु दीक्षित, सनी शर्मा, हरजीत सिंह अरोरा, नीतीश चावला, अभी कुमार, शालू चौधरी, सूरज अग्रवाल आदि शामिल थे।
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