आगरा। श्रीमद् भागवत जी स्वयं भगवान का एक रूप हैं। ये दिव्य ग्रंथ माध्यम है भगवत प्राप्ति का। जीव की हर समस्या का समाधान इसकी कथा के श्रवण मात्र से मिल जाता है। नर को नारयण प्राप्ति का सुगम और सहज मार्ग परम पवित्र ग्रंथ में बताया गया है…
सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन ज्ञान, वैराग्य और भक्ति पर यह उपदेश दिया कथा व्यास युवाचार्य अभिषेक भाइ जी ने।
बुधवार से दयालबाग स्थित श्रीबालाजी धाम आश्रम में दिव्य श्रीमद् भागवत कथा एवं फाल्गुन महोत्सव का आयोजन किया गया। कथा से पूर्व 151 कलशों के साथ भव्य और दिव्य कलश यात्रा निकाली गयी। कलश लेकर पीत वस्त्र धारण कर महिलाएं राम मोहन विहार स्थित मंदिर से बैंड बाजों के साथ चलीं। कलश यात्रा की अगुवानी स्वयं प्रथम पूज्य श्रीगणेश जी की सवारी कर रही थी।
पदयात्रा करते भक्तों का मार्गदर्शन करते हुए अरविंद जी महाराज एवं युवाचार्य अभिषेक भाइ चल रहे थे। मुख्य यजमान कुंजी चौहान सिर पर पवित्र ग्रंथ को लेकर चल रही थीं।
कलश यात्रा के बाद प्रथम दिन कथा का महात्म्य हुआ। जिसमें कथा व्यास अभिषेक भाइ जी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा भाैतिक जीवन में रहते हुए कैसे आध्यात्म के मार्ग पर चला जाए ये ज्ञान कराती है। एक गृहस्थ यदि सात्विक बनेगा तो उसका पूरा परिवार भी उसी मार्ग पर आगे बढ़ेगा, यदि परिवार सत मार्ग पर चलेगा तो समाज को भी वही दिशा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि भाैतिक जीवन की सभी समस्याओं का निदान कथा में मिलता है। यदि आमजन उसका अंश मात्र भी जीवन में उतार ले तो सद्गति को प्राप्त हो सकता है।
श्रीबालाजी धाम आश्रम के संस्थापक अरविंद जी महाराज ने बताया प्रतिवर्ष आश्रम में वार्षिकोत्सव के रूप में श्रीमद् भागवत कथा एवं फाल्गुन महोत्सव मनाया जाता है। 10 मार्ग को महोत्सव के अंतर्गत बृज की फूलों की होली होगी और 11 मार्च को कथा विश्राम के पश्चात प्रसादी एवं भंडारा होगा।
कलश यात्रा में सुरेश चन्द गर्ग, ललिता, नेहा, रेखा, सीमा, शशि, नम्रता, चित्रा, मृदुला रायजादा, शालिनी, पार्षद भरत शर्मा, अवधेश पचौरी, अनूप अग्रवाल, एएन रायजादा, राजकुमार, अशोक सक्सेना आदि उपस्थित रहे
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