आगरा: शहर के बल्केश्वर चौक पर रविवार को विश्व शांति हिंदू महासम्मेलन समिति द्वारा आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर बतौर मुख्य वक्ता शामिल हुईं। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने हिंदुत्व, जनसंख्या नियंत्रण, राष्ट्रवाद और सामाजिक बुराइयों पर बेहद मुखर और आक्रामक विचार साझा किए।
संस्कार और लव जिहाद पर चिंता
साध्वी प्रज्ञा ने ‘लव जिहाद’ के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए सीधे तौर पर परिवारों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “अगर हमने अपनी बेटियों को संस्कारों के साथ पाला होता, तो वे लव जिहाद का शिकार न बनतीं।” उन्होंने हिंदुओं से अपील की कि वे अपनी भावी पीढ़ी को सनातनी मूल्यों से जोड़ें।
जनसंख्या और संतानों पर संकल्प
सम्मेलन में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने जनसंख्या पर विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत को निष्ठावान संतानों की आवश्यकता है और हिंदुओं को कम से कम 4 से 5 बच्चे पैदा करने चाहिए। उन्होंने मंच से लोगों को इस संबंध में संकल्प भी दिलाया।
विवादास्पद टिप्पणियाँ और राष्ट्रवाद
साध्वी प्रज्ञा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम लिए बिना कहा कि “जिसने देश के टुकड़े किए, वह देश का पिता नहीं हो सकता, देश की सिर्फ मां होती है।” उन्होंने लोगों को ‘चादर और फादर’ (सूफीवाद और मिशनरी प्रभाव) से दूर रहने की नसीहत दी। साथ ही, उन्होंने चिकित्सा और शिक्षा क्षेत्र में ‘डॉक्टर जिहाद’ जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए लोगों को सावधान रहने को कहा।
सामाजिक एकता का संदेश
कार्यक्रम में पार्षद मुरारी लाल गोयल और पूजा बंसल ने “जात-पात की करो विदाई, हिंदू-हिंदू भाई-भाई” का नारा बुलंद किया। बल्केश्वर मंदिर के महंत कपिल नागर ने सभी का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर रमन अग्रवाल, सुमन गोयल, गोपाल अग्रवाल, गिर्राज बंसल सहित शहर के सैकड़ों गणमान्य नागरिक और हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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