शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पहुंचे हाईकोर्ट, गिरफ्तारी से बचने के लिए दी अग्रिम जमानत की अर्जी

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वाराणसी/प्रयागराज। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण के मामले में कानूनी कार्रवाई की रफ्तार तेज हो गई है।

गिरफ्तारी की तलवार लटकती देख शंकराचार्य ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनके अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की याचिका दाखिल की है, जिस पर जल्द सुनवाई होने की उम्मीद है।

​पुलिस की दस्तक और जांच पर सवाल

प्रयागराज की झूंसी पुलिस की एक टीम सोमवार को वाराणसी पहुंची और मठ के आसपास के लोगों से पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, पुलिस किसी भी वक्त शंकराचार्य का बयान दर्ज करने के लिए आश्रम पहुंच सकती है। इस बीच, शंकराचार्य ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मोबाइल पर एक फोटो दिखाते हुए एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश का आरोप लगाया। फोटो में जांच अधिकारी और शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज एक साथ केक काटते नजर आ रहे हैं।

शंकराचार्य ने कहा, “जब पुलिस का बड़ा अधिकारी हिस्ट्रीशीटर के साथ केक काट रहा हो, तो न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है?”

क्या है पूरा विवाद?

प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर 21 फरवरी को शंकराचार्य और उनके शिष्यों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष पांडेय ने आरोप लगाया है कि दो नाबालिग बटुकों ने उनके पास आकर शंकराचार्य द्वारा यौन शोषण किए जाने की आपबीती सुनाई थी। कोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल विवेचना के आदेश दिए थे।

​साजिश का दावा: शाहजहांपुर के शख्स का खुलासा

इस मामले में उस समय नया मोड़ आया जब शाहजहांपुर का एक व्यक्ति वाराणसी पहुंचा। उसने दावा किया कि आशुतोष पांडेय ने उसे फोन कर अपनी बेटियों के जरिए शंकराचार्य को झूठे केस में फंसाने का प्रलोभन दिया था। शख्स के मुताबिक, उसे सुरक्षा और मदद का लालच दिया गया था, लेकिन उसने इस पाप में भागीदार बनने से इनकार कर दिया। शंकराचार्य ने इसे अपनी छवि धूमिल करने और गौ-रक्षा आंदोलन को दबाने का एक बड़ा षड्यंत्र करार दिया है।

Dr. Bhanu Pratap Singh