आगरा: ताजनगरी के मुक्ताकाशीय मंच पर बुधवार को भारतीय संस्कृति का एक ऐसा इंद्रधनुषी रूप सजीव हुआ, जिसे देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। संस्कार भारती आगरा महानगर द्वारा आयोजित ‘भारतीय परिधान शो’ ने फैशन के जरिए देश की विविधता और ‘मुखर भारत’ की संकल्पना को जीवंत कर दिया। यह सिर्फ एक फैशन शो नहीं था, बल्कि महाराष्ट्र से लेकर बंगाल और पंजाब से लेकर राजस्थान तक की लोक-संस्कृति का एक विराट संगम था।
कष्टा से लेकर फुलकारी तक का सफर
मंच पर जब महाराष्ट्र की पहचान ‘नौवारी साड़ी’ और कोल्हापुरी चप्पलों में सजी मॉडल उतरीं, तो गणेश उत्सव की छटा बिखर गई। वहीं, राजस्थान की गणगौर परंपरा के घाघरा-चोली और गोटा-पत्ती की कारीगरी ने रेगिस्तानी संस्कृति की मिठास घोली। पंजाब की फुलकारी और चटख रंगों की पटियाला सलवार ने बैसाखी का उल्लास भरा, तो बंगाल की तांत और जमदानी साड़ियों ने दुर्गा पूजा की सौम्यता को रैम्प पर उतारा।
कला और डिजाइन का अद्भुत संगम
इस भव्य शो का निर्देशन कृति सिंह ने किया, जिसमें IIFT की छात्राओं और पुरातन छात्रों के डिजाइन किए गए परिधानों ने खूब वाहवाही लूटी। लिपिका चड्ढा के पंजाबी कलेक्शन, नीतू सिंह के महाराष्ट्रीयन ड्रेस और भूमिका तिवारी के बंगाली परिधानों ने रैम्प पर भारत की सांस्कृतिक एकता को परिभाषित किया।
लावणी और भांगड़ा की थाप पर थिरके दर्शक
टोनी फास्टर की कोरियोग्राफी में महाराष्ट्र की लावणी, पंजाब का गिद्दा और राजस्थान के लोकनृत्यों की प्रस्तुति ने माहौल में ऊर्जा भर दी। कार्यक्रम का समापन ब्रज की पारंपरिक फूलों की होली के साथ हुआ, जहाँ सुनीता धाकड़ के भजनों और भुवनेश धाकड़ के भंवई नृत्य ने पूरे पंडाल को भक्ति के रस में सराबोर कर दिया।
इन दिग्गजों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम का शुभारंभ क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह और मिस इंडिया पश्चिम बंगाल शिवांकिता दीक्षित ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस दौरान विनीत बवानिया, नंद नंदन गर्ग और डॉ. महेश धाकड़ सहित संस्कार भारती के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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