मथुरा। मथुरा जिले में ई-रिक्शा चालकों द्वारा तीर्थयात्रियों के शोषण व उत्पीड़न को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने ई-रिक्शा का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। उपजिलाधिकारी गोवर्धन कमलेश गोयल ने बुधवार को बताया कि पहले चरण में गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर चलने वाले ई-रिक्शा पर यह नियम लागू होगा। वैध पंजीकरण के सिर्फ 400 ई-रिक्शा को परिक्रमा मार्ग पर जाने की अनुमति दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि हर ई-रिक्शा में अलग-अलग दूरियों के लिए किराया सूची, पंजीकरण संख्या और वाहन पर पुलिस का टेलीफोन नंबर अंकित होगा।
अधिकारियों के मुताबिक, पहले चरण में यह व्यवस्था लगभग 22 किलोमीटर लंबे गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर चलने वाले ई-रिक्शा पर लागू होगी, जबकि अन्य क्षेत्रों को आगे के चरणों में इसमें शामिल किया जाएगा। आमतौर पर बड़ी संख्या में भक्त गोवर्धन परिक्रमा पैदल ही पूरी करते हैं। हालांकि, कुछ बुजुर्ग और वरिष्ठ नागरिक इसके लिए ई-रिक्शा सेवा का भी इस्तेमाल करते हैं। अधिकारियों ने कहा कि ई-रिक्शा के चालकों के लिए वर्दी संहिता भी लागू होगी। उन्हें अपनी पहचान साबित करने के लिए एक टोकन भी दिया जाएगा। यह प्रणाली एक अप्रैल से लागू की जायेगी।
- टीबी उन्मूलन में आगरा बना ‘मिसाल’: 101% लक्ष्य हासिल कर रचा इतिहास, 98% उपचार सफलता दर के साथ स्वास्थ्य विभाग की बड़ी उपलब्धि - June 6, 2026
- आगरा: वजीरपुरा के प्राचीन सीताराम मंदिर में गूंजेगा श्रीमद्भागवत का पावन ज्ञान, पितरों की स्मृति को समर्पित होगी सात दिवसीय ईश्वरीय महागाथा - June 6, 2026
- आगरा कॉलेज में ‘हरित संकल्प’: विश्व पर्यावरण दिवस पर एनएसएस और एनसीसी ने चलाया संरक्षण अभियान, 5000 पौधे रोपने का लिया प्रण - June 6, 2026