अमेरिका के रट्गर्स स्कूल ऑफ एनवायरनमेंटल एंड बायोलॉजिकल साइंस के वैज्ञानिकों ने 3D प्रिंटर की मदद से एक ऐसा प्रयोग किया है जिसमें उन्होंने कम फैट वाली चॉकलेट प्रिंट की है, जो नॉर्मल चॉकलेट के मुकाबले काफी हेल्दी है।
साइंटिस्ट्स बना रहे ‘फंक्शनल फूड’
आजकल खाने की चीजों की रेसिपी में बदलाव कर उन्हें ज्यादा हेल्दी बनाने का चलन बढ़ गया है। ऐसे खाने को फंक्शनल फूड भी कहा जाता है। इस रिसर्च में शामिल प्रोफेसर क्विंगरोंग हुआंग ने बताया कि यह चॉकलेट उनकी ‘फंक्शनल फूड्स’ की लाइन का पहला आइटम है। हुआंग के अनुसार उनकी टीम लो-शुगर और शुगर-फ्री चॉकलेट को 3D प्रिंट करने पर भी रिसर्च कर रही है।
चॉकलेट में क्या है खास?
नॉर्मल चॉकलेट कोकोआ बटर, कोकोआ पाउडर, चीनी और किसी इमल्सिफायर को मिलाकर बनती है। नई चॉकलेट को 3D प्रिंट करने के लिए वैज्ञानिकों ने कई रेसिपी ट्राय कीं। जिस रेसिपी को फाइनल किया गया, उसमें शुद्ध कोकोआ बटर की जगह बबूल के पेड़ का पायस (इमल्शन) इस्तेमाल किया। साथ ही इसके स्वाद को बेहतर बनाने के लिए गोल्डन सिरप के साथ मिक्स किया। ये सिरप गन्ने के रस से बनती है।
कई मापदंडों को ध्यान में रखा
3D प्रिंटेड चॉकलेट को बनाते वक्त कई मापदंडों को ध्यान में रखा गया। साइंटिस्ट्स ने चॉकलेट के फिजिकल कैरेक्टर को एनालाइज किया। प्रिंटिंग के लिए सही चिचिपाहट को परखा गया। सही टेक्सचर के लिए चॉकलेट की बनावट और चिकनाई पर नजर रखी गई। रिसर्चर्स का कहना है कि यह चॉकलेट किसी भी आकार में बनाई जा सकती है।
ऐप के जरिए बनी चॉकलेट
3D प्रिंटिंग की प्रोसेस में एक फिजिकल ऑब्जेक्ट को तैयार करने के लिए पहले उसका डिजिटल मॉडल बनाया जाता है। इस चॉकलेट को प्रिंट करने के लिए वैज्ञानिकों ने प्रिन्टर और आकारों के साथ ही मोबाइल फोन के लिए ऐप बनाया है। इस ऐप के जरिए आप अपने हिसाब से चॉकलेट को कस्टमाइज कर सकते हैं। हुआंग का कहना है कि वे संतरा, चाय, लाल मिर्च, प्याज, हल्दी और अदरक जैसी हेल्दी चीजों का इस्तेमाल करके खाने की दूसरी चीजें भी बनाना चाहते हैं।
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