पीयर-रिव्यू जर्नल ईबायोमेडिसिन में प्रकाशित UCLA-led रिसर्च में इस बात का पता चलता है कि कैसे HIV से पहले आंत बैक्टीरिया प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा ब्रेंट पामर और कोलोराडो विश्वविद्यालय के कैथरीन लोज़ुपोन और सहयोगियों द्वारा ओपन-एक्सेस जर्नल पीएलओएस रोगजनकों में 4 अप्रैल को प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार कुछ आंत बैक्टीरिया जो कि नॉर्मल लोगों में होते हैं, वो एचआईवी वाले रोगियों में नहीं होते हैं साथ ही एचआईवी संक्रमण, दोनों ही लोगों में अलग और भिन्न हो सकते हैं।
आंत के माइक्रोबायोम एचआईवी संक्रमण के जोखिम को बढ़ा सकता है
यूसीएलए में संक्रामक रोगों के विभाग, मेडिसिन के सहायक प्रोफेसर डॉ. जेनिफर फुल्चर के अनुसार, निष्कर्ष बताते हैं कि आंत माइक्रोबायोम एचआईवी संक्रमण के जोखिम को प्रभावित कर सकता है।
जैसे कि, उन्होंने पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले 27 पुरुषों से संक्रमण से पहले और बाद में एकत्र किए गए आंत माइक्रोबायम नमूनों की जांच की। फिर उन्होंने उन नमूनों की तुलना उन 28 पुरुषों से की, जिनमें संक्रमण के लिए समान व्यवहार संबंधी जोखिम कारक थे, लेकिन उन्हें एचआईवी नहीं था। शोधकर्ताओं ने पाया कि पहले वर्ष के दौरान संक्रमित पुरुषों के आंत बैक्टीरिया में बहुत कम बदलाव आया था।
हालांकि, उन्होंने पाया कि एचआईवी संक्रमित पुरुषों में संक्रमित होने से पहले उनके असंक्रमित समकक्षों की तुलना में आंत बैक्टीरिया में पहले से मौजूद अंतर था। एचआईवी पीड़ितों में बैक्टेरॉइड प्रजातियां कम थीं। जबकि, स्वस्थ लोगों में ये ज्यादा था।
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जिसे बेहतर ढंग से समझने के लिए और शोध की जरुरत है कि ये बैक्टीरिया एचआईवी संचरण को प्रभावित कर सकते हैं या नहीं।
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